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गुजरात में सरकारी नाम और प्रतीकों के गलत इस्तेमाल पर सख्ती, निजी संस्थाओं पर होगी कार्रवाई

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, September 16, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात सरकार ने निजी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट और कारोबारी प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, जो कथित तौर पर अपने नाम या पहचान में सरकारी विभागों, पदों और राष्ट्रीय प्रतीकों का इस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं कि लोगों को उनके सरकारी होने का भ्रम हो। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों, कार्यालयों और रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को इस मामले में सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने यह कदम ‘एम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट, 1950’ के तहत उठाया है। केंद्र के उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से राज्यों को जारी सर्कुलर के बाद गुजरात में भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत निजी संस्थाओं और कारोबारियों को अपने नाम में ‘ब्यूरो’, ‘कमीशन’, ‘मिनिस्ट्री’, ‘सेंटर’, ‘ऑल इंडिया’, ‘नेशनल’ और ‘इंडियन’ जैसे शब्द इस्तेमाल करने के लिए केंद्र से लिखित अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बावजूद संस्था को साफ बताना होगा कि उसका सरकार से कोई संबंध नहीं है।

केंद्र ने ऐसे मामलों पर भी चिंता जताई है, जहां निजी संस्थाओं ने कथित तौर पर अशोक चिन्ह, अशोक चक्र और सरकारी मुहरों की नकल अपने लेटरहेड, विजिटिंग कार्ड, ऑफिस के बोर्ड और वेबसाइट पर की है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे लोगों को किसी निजी सेवा या लेन-देन को सरकारी काम समझने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में लोग आर्थिक नुकसान के साथ अपनी जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी अनधिकृत संस्थाओं के साथ साझा कर सकते हैं।

राज्य सरकार ने रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज, रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स और सहकारिता विभाग समेत सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन के समय उनके नामों की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले नामों को मंजूरी न दी जाए। किसी नाम को लेकर विवाद या संदेह होने पर मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और उसका फैसला अंतिम माना जाएगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाली संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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