अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में सऊदी अरब के दम्माम से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान (IX170) में बम की झूठी खबर फैलाने के मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस घटना की जांच कर रही पुलिस ने मामले में विमान की महिला फर्स्ट ऑफिसर (सह-पायलट) को ही मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया है। गत 31 अगस्त को शौचालय में "RED: BOMB" लिखा एक नोट मिलने के बाद विमान की सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
पुलिस जांच में सह-पायलट के खिलाफ कई अहम और पुख्ता सबूत मिले हैं। यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिखावट के नमूनों के मिलान में संदिग्ध नोट की हैंडराइटिंग सह-पायलट के नमूनों से 65 फीसदी मेल खाती पाई गई। इसके अतिरिक्त, जिस स्याही से वह धमकी भरा पत्र लिखा गया था, वह भी उसी सह-पायलट की पाई गई है। पुलिस पूछताछ के दौरान महिला अधिकारी के बयानों में काफी विरोधाभास देखा गया और वह अपनी ही बातों में उलझती नजर आई।
मामले को और अधिक गंभीर बनाते हुए अधिकारियों ने खुलासा किया है कि यह सह-पायलट एक अन्य उड़ान के क्रू में भी शामिल थी, जिसे इसी तरह बम से उड़ाने की झूठी धमकी मिली थी। उस मामले की लिखावट भी इस घटना से पूरी तरह मेल खाती है। इतना ही नहीं, पुलिस द्वारा कराए गए लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट में पूछे गए छह सवालों में भी वह असफल रही। हालांकि, पुलिस अभी तक इस हरकत के पीछे के वास्तविक इरादे और मंशा को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं कर पाई है।
मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए इसकी शुरुआती जांच कर रही अहमदाबाद पुलिस ने अब पूरे केस को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने बयान जारी कर जांच एजेंसियों को पूर्ण सहयोग देने की बात कही है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और संरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कृत्य को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।