ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

प्याज-लहसुन बना तलाक की वजह! अहमदाबाद में अजब मामला

Photo Source : Google

Posted On:Tuesday, December 9, 2025

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमें पति-पत्नी के बीच प्याज और लहसुन शादी टूटने की वजह बन गए। पत्नी धार्मिक मान्यताओं के चलते इन दोनों चीज़ों को छूना भी पसंद नहीं करती थी, जबकि पति और उसका परिवार सामान्य भोजन करते थे। खान-पान की इसी टकराहट ने धीरे-धीरे रिश्तों में इतनी खटास घोल दी कि मामला अदालत तक पहुंच गया।

साल 2002 में शादी के बाद कुछ ही समय में खाने-पीने को लेकर दोनों के बीच बहसें शुरू हो गईं। पत्नी सत्संग और अपने संप्रदाय के नियमों का सख़्ती से पालन करती थी, वहीं पति अपनी आदतें बदलने को तैयार नहीं था। नौबत यहां तक पहुंच गई कि घर में अलग-अलग चूल्हा और किचन की व्यवस्था करनी पड़ी। तनाव बढ़ता गया और पत्नी अपने बच्चे के साथ घर छोड़कर चली गई।

इसके बाद पति ने 2013 में फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई, जिसमें उसने मानसिक क्रूरता और घर छोड़कर जाने का आरोप लगाया। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद, इस साल मई में फैमिली कोर्ट ने शादी खत्म करने का आदेश दे दिया और पति को गुजारा भत्ता देने का निर्देश भी दिया। दोनों में से कोई फैसला मानने को तैयार नहीं था, इसलिए मामला हाई कोर्ट पहुंच गया — पत्नी तलाक रद्द करवाना चाहती थी और पति भत्ते के आदेश को चुनौती दे रहा था।

हाई कोर्ट में बहस के दौरान पत्नी ने खुद कह दिया कि अब उसे तलाक से कोई आपत्ति नहीं है। यह सुनकर जजों ने साफ कहा कि जब रिश्ता बचाने की इच्छा ही नहीं बची, तो विवाद पर और चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। अदालत ने पत्नी की अपील खारिज कर दी और पति को बकाया भत्ता तय समय पर जमा करने का निर्देश दिया। इस तरह दो लोगों की शादी प्याज-लहसुन के झगड़े में खत्म हो गई।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.