TMC पार्टी विवाद और चुनाव आयोग का अंतरिम फैसला
बंगाल की इस सियासी उठापटक को समझने के लिए इसके मुख्य पहलुओं को जानना जरूरी है। पहला बड़ा मुद्दा यह है कि आखिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) असली रूप से किसकी है और पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिह्न 'फूल और घास' किसके पास रहेगा? इस पर लंबे समय से सस्पेंस बना हुआ था। इस विवाद को सुलझाने के लिए चुनाव आयोग ने दोनों दलों के प्रतिनिधियों को तलब किया था।
हालांकि आयोग ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन आगामी उपचुनावों में असमंजस की स्थिति को टालने के लिए एक अंतरिम आदेश जारी कर दिया है। फिलहाल यह मुकाबला 1-1 की बराबरी पर चल रहा है, यानी किसी भी गुट को पूर्ण विजेता या पराजित घोषित नहीं किया गया है, हालांकि इसे ममता बनर्जी के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
किसे मिला कौन सा नाम और चुनाव चिन्ह?
चुनाव आयोग द्वारा दोनों गुटों की दलीलें सुनने के बाद नए नाम और चुनाव चिन्ह तय कर दिए गए हैं:
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ममता बनर्जी गुट: इस गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल प्लेयर' (फुटबॉल खिलाड़ी) का चुनाव चिन्ह मिला है।
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ऋतब्रत बनर्जी गुट: इस विरोधी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल' नाम और 'लिफाफा' (Envelope) का चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।