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अहमदाबाद में आसाराम आश्रम को बड़ा झटका, गुजरात हाईकोर्ट ने की याचिका खारिज

Photo Source : Google

Posted On:Friday, February 6, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: स्वयंभू बाबा आसाराम को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद के मोटेरा इलाके में स्थित उनके आश्रम से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही 2030 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले शहर में खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। विवादित भूखंड नरेंद्र मोदी स्टेडियम और निर्माणाधीन सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बेहद करीब स्थित है।

सरकार की ओर से पेश हुए वकील जी.एच. विर्क ने जस्टिस वैभवी नानावती की सिंगल बेंच को बताया कि यह जमीन दशकों पहले आश्रम को केवल सीमित धार्मिक गतिविधियों के लिए दी गई थी। हालांकि, समय के साथ आश्रम ने तय कानूनी दायरे से बाहर जाकर बड़े पैमाने पर निर्माण और कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि जमीन आवंटन की शर्तों में साफ था कि यहां कोई व्यावसायिक गतिविधि या अनधिकृत निर्माण नहीं किया जाएगा, लेकिन जांच में इसका उल्लंघन सामने आया।

गुजरात सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि आश्रम को कई बार नोटिस दिए गए और सुनवाई के पर्याप्त मौके मिले। इसके बावजूद अतिक्रमण जारी रहा, जिसे बाद में वैध ठहराने की कोशिश की गई। सरकार ने दलील दी कि अहमदाबाद 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों में जुटा है और भविष्य में ओलंपिक जैसी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। ऐसे में करीब 45,000 वर्ग मीटर जमीन को वापस लेना सार्वजनिक हित में जरूरी है।

सभी दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आश्रम की याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि आसाराम पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों में सजा काट रहा है। वर्ष 2013 में राजस्थान में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जबकि जनवरी 2023 में गांधीनगर की एक अदालत ने एक अन्य बलात्कार मामले में भी उसे आजीवन कारावास की सजा दी थी।


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