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अहमदाबाद में बेटे की मौत के बाद परिवार ने किया अंगदान, 6 लोगों को मिला नया जीवन

Photo Source : Google

Posted On:Saturday, April 4, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में एक 17 वर्षीय छात्र कृष अकबरी की कहानी ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। सड़क हादसे के बाद डॉक्टरों ने जब उसे ब्रेन डेड घोषित किया, तब परिवार के सामने सबसे कठिन फैसला था। लेकिन पिता डॉ रवि अकबरी और परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए बेटे के अंग दान करने का निर्णय लिया, ताकि वह दूसरों की जिंदगी बचा सके।

परिवार के इस फैसले से छह लोगों को नया जीवन मिला, जिनमें तीन किशोर भी शामिल हैं। कृष का दिल भावनगर के 13 वर्षीय बच्चे को लगाया गया, फेफड़े अहमदाबाद के 22 वर्षीय युवक को मिले, जबकि किडनी दो किशोरों को ट्रांसप्लांट की गई। इसके अलावा उसकी आंखें (कॉर्निया) किसी को रोशनी देंगी और हाथ फरीदाबाद के एक मरीज को दान किए गए।

घटना 28 मार्च की है, जब कृष ट्यूशन जाते समय सड़क पर एक नीलगाय के अचानक सामने आने से हादसे का शिकार हो गया। गंभीर चोटों के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन लंबे समय तक दिमाग तक खून और ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। मेडिकल जांच और एप्निया टेस्ट में भी किसी तरह की ब्रेन एक्टिविटी नहीं पाई गई।

डॉ रवि अकबरी ने बताया कि अगर जरा सी भी उम्मीद होती तो वे बेटे को बचाने की हर कोशिश करते, लेकिन जब कोई संभावना नहीं बची, तब उन्होंने अंगदान का फैसला लिया। “अगर वह जी नहीं सकता, तो दूसरों को जीवन दे सकता है,” इसी सोच के साथ परिवार ने सहमति दी और सरकार की प्रक्रिया के तहत अंगों का ट्रांसप्लांट किया गया।

अंतिम संस्कार के दौरान ही कृष का दिल किसी और के शरीर में धड़कने लगा—यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक था। पिता ने कहा, “एक तरह से मेरा बेटा आज भी जिंदा है।”

परिवार ने सरकार से सड़कों पर नीलगाय जैसे जानवरों की समस्या को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग भी की है, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों। साथ ही उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील की है।


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