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तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक भारतीराजा का निधन फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

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Posted On:Wednesday, June 10, 2026

तमिल सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज फिल्म निर्देशक भारतीराजा का बुधवार सुबह चेन्नई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 85 वर्षीय फिल्मकार के निधन की खबर सामने आते ही दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री समेत पूरे देश के सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें उद्योग की सबसे सम्मानित हस्तियों में से एक बताया।

भारतीराजा सिर्फ एक निर्देशक नहीं थे, बल्कि तमिल सिनेमा की कहानी कहने के अंदाज को बदलने वाले फिल्मकारों में गिने जाते थे। उन्होंने 1977 में फिल्म 16 वयाथिनिले से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ग्रामीण परिवेश, भावनात्मक कहानियों और आम लोगों के संघर्षों को बड़े पर्दे पर उतारने की उनकी कला ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई।

चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 40 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया। किझाके पोगम रेल, सिगप्पु रोजक्कल, अलैगल ओइवाथिल्लई, काधल ओवियाम और मुधल मारियाथाई जैसी फिल्मों ने उन्हें तमिल सिनेमा के सबसे प्रभावशाली निर्देशकों की सूची में शामिल कर दिया। फिल्म जगत में उन्हें सम्मानपूर्वक 'इयाकुनार इम्मयम' यानी 'निर्देशकों का शिखर' कहा जाता था।

पिछले कुछ वर्षों से भारतीराजा की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। साल 2024 में उनके बेटे मनोज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। बेटे के अचानक चले जाने का सदमा उन्हें अंदर तक तोड़ गया था। परिवार और करीबी लोगों के मुताबिक वह इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी सेहत लगातार गिरती चली गई। पिछले साल उन्हें सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था।

भारतीराजा के निधन के साथ भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे रचनाकार को खो दिया है, जिसने अपनी फिल्मों से लाखों दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के फिल्मकारों और कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी। उनके योगदान को तमिल सिनेमा ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।


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