अहमदाबाद न्यूज डेस्क: ईरान के हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जान गंवाने वाले उज्जैन निवासी मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को अहमदाबाद पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से उज्जैन लाया गया। शाम करीब चार बजे जैसे ही शव राज रॉयल कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंचा, पूरे परिवार में मातम छा गया। बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित और समाज के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद मंजूर अहमद को बेगमपुरा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे। उनके बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार शाम को पिता से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचने के बाद ट्रेन से नागदा आएंगे। लेकिन फ्लाइट का इंतजार करते समय कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि इस हादसे में उनके सभी जरूरी दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से खाड़ी क्षेत्र में रहकर टेलरिंग का काम कर रहे थे और परिवार की जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बेहतर भविष्य और बच्चों की शिक्षा के लिए वे विदेश में रहकर मेहनत कर रहे थे। परिजनों ने आर्थिक सहायता की मांग करते हुए कहा कि अब तक कोई अधिकारी परिवार का हालचाल जानने नहीं पहुंचा है।
इस बीच भारत सरकार ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है और सभी पक्षों को ऐसे हमले तत्काल रोकने चाहिए। वहीं ईरान ने अपने बयान में कुवैत और बहरीन को अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उसे आत्मरक्षा का अधिकार है।