अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात के अहमदाबाद के जुहापुरा इलाके से पुलिसिया बर्बरता और कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां करीब 500 किलोग्राम प्रतिबंधित बीफ रखने के आरोप में पकड़े गए 70 वर्षीय बुजुर्ग जहीर शेख की पुलिस हिरासत के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा भड़क उठा है, जिन्होंने पुलिस प्रशासन पर बुजुर्ग को बेरहमी से प्रताड़ित करने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस इन आरोपों को पूरी तरह नकार रही है।
इस पूरे मामले ने उस समय एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा, जिसे कथित तौर पर जहीर शेख के बेटे ने अस्पताल में रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे जहीर शेख खुद पुलिसकर्मियों की बर्बरता की कहानी बयां करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने कस्टडी में उनकी दाढ़ी खींची, प्राइवेट पार्ट पर लात मारी, बेरहमी से पीटा और छोड़ने के एवज में भारी रकम की मांग की; इस दौरान उन्होंने 'अक्षय' नाम के एक पुलिसकर्मी का विशेष रूप से उल्लेख भी किया।
परिजनों का दावा है कि पुलिस की इसी असहनीय प्रताड़ना के कारण जहीर शेख की तबीयत थाने में ही बेहद बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अहमदाबाद के एसवीपी (SVP) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत से पहले बुजुर्ग द्वारा कई पुलिसकर्मियों के नाम उजागर किए जाने के बाद से स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश है। लोग सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक इस मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि दोषी पुलिसकर्मियों को उनके किए की सख्त सजा मिल सके।
दूसरी ओर, गुजरात पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना एक अलग ही पक्ष रखा है। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक सफाई के अनुसार, जहीर शेख के साथ हिरासत में किसी भी तरह की मारपीट या हिंसा नहीं की गई थी, बल्कि उन्होंने खुद ही लॉकअप में अत्यधिक मात्रा में (ओवरडोज) दवाइयां खा ली थीं। पुलिस का कहना है कि इसी दवा के रिएक्शन के कारण उनकी तबीयत खराब हुई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। फिलहाल दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों के बीच इस रहस्यमयी मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज होती जा रही है।