अहमदाबाद न्यूज डेस्क: एअर इंडिया फ्लाइट AI171 हादसे की पहली बरसी पर इस दुर्घटना के एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश ने भावुक शब्दों में अपना दर्द बयां किया है। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे में विश्वास कुमार रमेश बच गए थे, लेकिन उन्होंने अपने भाई को खो दिया था।
बरसी के मौके पर विश्वास ने कहा कि दुनिया उन्हें चमत्कारिक रूप से बचा हुआ व्यक्ति कहती है, लेकिन उनके लिए समय उसी दिन थम गया है। उन्होंने बताया कि आज भी आंखें बंद करते ही उन्हें हादसे का भयावह मंजर, चीखें और आग की लपटें दिखाई देती हैं। उनका कहना है कि वह शारीरिक रूप से भले बच गए हों, लेकिन मानसिक रूप से अब भी उस दर्द से जूझ रहे हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों से अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने की अपील की है।
विश्वास कुमार रमेश ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में विमान के दोनों फ्यूल स्विच टेक-ऑफ के तुरंत बाद कट-ऑफ स्थिति में पहुंचने की बात सामने आई थी, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ऐसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या किसी मानवीय त्रुटि की वजह से। उन्होंने कहा कि हादसे में अपनों को खोने वाले सभी परिवारों को यह जानने का अधिकार है कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।
इधर, एअर इंडिया ने बताया है कि दुर्घटना से प्रभावित 96 प्रतिशत परिवारों को 25-25 लाख रुपये की अंतरिम सहायता राशि दी जा चुकी है। वहीं टाटा संस द्वारा स्थापित AI171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से मृतकों के परिजनों के लिए घोषित एक-एक करोड़ रुपये की सहायता में से 91 प्रतिशत परिवारों को भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद कई प्रभावित परिवार अंतिम जांच रिपोर्ट और न्याय का इंतजार कर रहे हैं।