अहमदाबाद न्यूज डेस्क: वैश्विक तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के बीच भारत के तीन शहरों—अहमदाबाद, नागपुर और मदुरै—को दुनिया के सबसे अधिक गर्मी-जोखिम वाले शहरों में शामिल किया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के एक नए अध्ययन में दुनिया के 205 बड़े शहरों का विश्लेषण किया गया, जिसमें पाया गया कि बढ़ती गर्मी और उससे निपटने की सीमित क्षमता के कारण ये शहर गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। अहमदाबाद इस सूची में दूसरे, नागपुर चौथे और मदुरै सातवें स्थान पर है।
'सस्टेनेबल सिटीज एंड सोसाइटीज' जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, केवल तापमान में वृद्धि ही जोखिम का कारण नहीं है, बल्कि लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशीलता और गर्मी से बचाव के संसाधनों तक पहुंच भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन में भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना के शहरों को सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में गिना गया है, जबकि शीर्ष 10 में शामिल अधिकांश शहर दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में स्थित हैं।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में संभावित रूप से मजबूत ‘अल नीनो’ प्रभाव वैश्विक तापमान को और बढ़ा सकता है। इसके चलते दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के संयुक्त प्रभाव से वर्ष 2027 वैश्विक स्तर पर अब तक के सबसे गर्म वर्षों में शामिल हो सकता है।
अध्ययन के लेखकों का कहना है कि केवल एयर कंडीशनिंग जैसे ऊर्जा-आधारित समाधानों पर निर्भर रहना दीर्घकालिक समाधान नहीं है। इसके बजाय पेड़-पौधों का विस्तार, बेहतर शहरी नियोजन, प्राकृतिक शीतलन (Passive Cooling) और कम ऊर्जा खपत वाले साधनों को बढ़ावा देना जरूरी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, शहरी गर्मी के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी अनुकूलन रणनीतियों की तत्काल आवश्यकता है।