अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में दो विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। पहला प्रदर्शन सुबह लॉ गार्डन में हुआ, जहां पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। वहीं शाम करीब 6 बजे अश्रम रोड स्थित प्रतिष्ठित एमजे लाइब्रेरी के बाहर बड़ी संख्या में युवाओं ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन होने का हवाला देते हुए कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद प्रदर्शनकारी छोटे-छोटे समूहों में बंटकर आसपास की गलियों में पहुंच गए। पुलिस भी उनके पीछे-पीछे पहुंची और कई घंटों तक यह आंख-मिचौली चलती रही। इस दौरान नागरिक अधिकार कार्यकर्ता स्वाति गोस्वामी समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया।
रिहा होने के बाद स्वाति गोस्वामी ने कहा कि गुजरात में कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, हजारों सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, सुधार और कार्रवाई की मांग करना है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। सेक्टर-1 के संयुक्त पुलिस आयुक्त नीरज कुमार बडगुजर ने बताया कि 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं ने अपने चेहरे कपड़े या मास्क से ढक रखे थे। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें पहचानकर हिरासत में लेने की कोशिश कर रही थी।
शाम तक पुलिस ने अश्रम रोड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी। प्रदर्शनकारी बार-बार छोटे समूहों में इकट्ठा होकर नारेबाजी करते रहे, जबकि पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में भेजती रही। रात करीब 9 बजे अधिकांश लोगों को छोड़ दिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने संयम बरता और स्थिति को नियंत्रित रखा।