अहमदाबाद न्यूज डेस्क: मध्य प्रदेश को गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टमेंट डायलॉग के दौरान अलग-अलग सेक्टर में 8,635 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से 5,785 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा समेत गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से ज्यादा उद्योगपति, निवेशक और कॉरपोरेट प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में आयोजित मेगा इन्वेस्टमेंट डायलॉग में देशभर के बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नए उद्योग लगाने, मौजूदा उद्योगों का विस्तार करने और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश हमेशा फायदे का सौदा रहा है। उन्होंने राज्य के 8.5 करोड़ लोगों की ओर से निवेशकों का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग देगी।
मध्य प्रदेश की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर जोर
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी के तहत मध्य प्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को उद्योग जगत से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्योग चलाने के लिए अच्छी नीति, सही सोच और सहयोग करने वाली सरकार जरूरी है और ये तीनों चीजें मध्य प्रदेश में मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योगपतियों को भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा, "आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। अगर दोनों को साथ लाया जाए तो हम मिलकर इतिहास बना सकते हैं।"
जमीन, बिजली और पानी की चिंता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को जमीन, बिजली और पानी की समस्या नहीं होगी। उद्योगों के लिए रियायती दरों पर लीज पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में पर्याप्त जल संसाधन और बिजली उपलब्ध है। इसके साथ ही प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल जोन भी तैयार किए जा रहे हैं।
राज्य में करीब 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सिंगल विंडो सिस्टम को "समस्या खत्म, तुरंत सेवा" बताते हुए कहा कि निवेश से जुड़ी परेशानियों का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा सकता है।
उन्होंने मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को भी बड़ी ताकत बताया। राज्य में 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 इनलैंड कंटेनर डिपो, एक्सप्रेसवे और हाईवे मौजूद हैं। साथ ही उद्योगों के लिए प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध है।
मध्य प्रदेश और गुजरात को बताया जुड़वां भाई
डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश और गुजरात को औद्योगिक सहयोग के लिहाज से "जुड़वां भाई" बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीकी विशेषज्ञता, कारोबार का अनुभव और औद्योगिक क्षमता है, जबकि मध्य प्रदेश के पास पर्याप्त पानी, बड़ा लैंड बैंक और देश के बीचोंबीच होने के कारण बेहतर लॉजिस्टिक्स की सुविधा है।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की इन खूबियों को साथ लाने से औद्योगिक विकास का नया अध्याय शुरू हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के पेट्रोकेमिकल, केमिकल, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए मध्य प्रदेश में मौजूद अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बीना की बड़ी पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन में 360 एकड़ में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क, धार के पीएम मित्र पार्क और पीथमपुर के मजबूत ऑटोमोबाइल सेक्टर का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले ढाई साल में मध्य प्रदेश को अलग-अलग क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश जमीन पर उतर चुका है। रिन्यूएबल एनर्जी, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास से जुड़ी नीतियों के चलते इन क्षेत्रों में 7.19 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
"मां नर्मदा के दो बेटे मिलकर बढ़ेंगे आगे"
मुख्यमंत्री ने गुजरात और मध्य प्रदेश के पुराने रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुजरात और मध्य प्रदेश को मां नर्मदा के दो बेटे कहा जा सकता है। नर्मदा का पानी दोनों राज्यों में पीने और सिंचाई के काम आ रहा है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने देश की तरक्की में अहम योगदान दिया है और महात्मा गांधी व सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं को देश को दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश और गुजरात के रिश्ते महात्मा गांधी के समय से जुड़े हैं। उन्होंने भगवान कृष्ण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश में शिक्षा हासिल की और बाद में गुजरात में द्वारकाधीश और जगद्गुरु के रूप में प्रसिद्ध हुए।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योगपतियों से मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने की अपील करते हुए उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
इन कंपनियों ने दिए बड़े निवेश प्रस्ताव
गोल्डक्रेस्ट सीमेंट: 3,000 करोड़ रुपये, 1,500 रोजगार
एडज्योस पॉलीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड: 2,500 करोड़ रुपये, 1,000 रोजगार
गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड: 1,200 करोड़ रुपये, 500 रोजगार
एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड: 500 करोड़ रुपये, 800 रोजगार
राघव वोवन एलएलपी: 250 करोड़ रुपये, 400 रोजगार
भाव्या मशीन टूल्स: 250 करोड़ रुपये, 300 रोजगार
जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड: 200 करोड़ रुपये, 100 रोजगार
बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड: 200 करोड़ रुपये, 100 रोजगार
श्रद्धा स्पन प्राइवेट लिमिटेड: 160 करोड़ रुपये, 600 रोजगार
इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स: 150 करोड़ रुपये, 160 रोजगार
ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप: 100 करोड़ रुपये, 120 रोजगार
जेएमके फूड: 50 करोड़ रुपये, 75 रोजगार
विबफास्ट ग्रुप: 50 करोड़ रुपये, 75 रोजगार
अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड: 25 करोड़ रुपये, 50 रोजगार
इन सभी प्रस्तावों की कुल राशि 8,635 करोड़ रुपये है और इनसे 5,785 रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को एक बार फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का न्योता दिया।