अहमदाबाद न्यूज डेस्क: लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले मरीजों के लिए जीवित अंगदाता आगे आएं, इसके लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। लिवर शरीर का एक ऐसा अंग है, जो दोबारा विकसित होने की क्षमता रखता है। ऐसे में लिवर का एक हिस्सा दान किया जा सकता है और इससे आमतौर पर डोनर के जीवन की गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ता। अंगदान से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए जाइडस हॉस्पिटल की वेबसाइट देखी जा सकती है।
मेडिकल साइंस में लगातार हो रही प्रगति के कारण लिवर ट्रांसप्लांट की तकनीक पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और बेहतर हुई है। अहमदाबाद स्थित जाइडस हॉस्पिटल में भी इन आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लिवर ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। अस्पताल के मुताबिक, इन सुविधाओं से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को नई उम्मीद मिली है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लिवर से जुड़ी बीमारियों में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) भी एक बड़ी समस्या है। यह बीमारी लंबे समय तक नजरअंदाज रहने पर लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकती है। इसलिए समय पर बीमारी की पहचान और सही इलाज बेहद जरूरी है।
अस्पताल की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे जीवित अंगदान के बारे में सही जानकारी हासिल करें और जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए आगे आएं। लिवर का एक हिस्सा दान करने की प्रक्रिया मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की निगरानी में की जाती है। हालांकि, अंगदान का फैसला लेने से पहले डॉक्टरों से पूरी जानकारी और सलाह लेना जरूरी है।