अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भारत में पहली बार किसी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए सफलतापूर्वक लाइव हार्ट (जीवित हृदय) का परिवहन किया गया। गुजरात में सूरत से अहमदाबाद तक यह जीवनरक्षक मिशन मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20901) से पूरा किया गया। इसके बाद हृदय को अहमदाबाद स्थित यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर पहुंचाया गया, जहां मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
आमतौर पर ऐसे मामलों में एयर एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस बार भारतीय रेल ने पहली बार इस जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाया। सूरत से अहमदाबाद तक की दूरी 2 घंटे 27 मिनट में तय कर हृदय को तय समय के भीतर अस्पताल पहुंचाया गया।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और गुजरात पुलिस ने मिलकर रास्ते को पूरी तरह खाली रखा, ताकि हृदय को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाया जा सके।
इस पूरे अभियान में भारतीय रेल, गुजरात पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और मेडिकल टीम ने मिलकर समन्वय के साथ काम किया। समय पर हृदय पहुंचने से प्रत्यारोपण प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं आई।
अहमदाबाद मंडल के रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि भारतीय रेल के लिए यह गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि ऐसे जीवनरक्षक मिशन में हर मिनट की अहमियत होती है और किसी की जान बचाने में भारतीय रेल की भूमिका निभाना सेवा और मानवता का सबसे बड़ा दायित्व है।