अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश की गुत्थी अब भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है। इसी बीच सामने आई नई रिपोर्ट ने इस हादसे को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। गोपनीय पोस्टमॉर्टम दस्तावेजों, फोरेंसिक रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर दावा किया गया है कि हादसे के आखिरी क्षणों तक कैप्टन सुमीत सभरवाल विमान को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने दावा किया कि कैप्टन का शव ऐसी स्थिति में मिला था, जिसमें उनके दोनों हाथ कंट्रोल हैंडल पर जमे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शव बैठी हुई मुद्रा में था, जिससे यह संकेत मिलता है कि कैप्टन अंतिम सेकंड तक विमान को संभालने की कोशिश कर रहे थे। वरिष्ठ पायलटों का भी मानना है कि अगर यह दावा सही है, तो यह किसी संभावित तकनीकी या सिस्टम फेलियर की ओर इशारा करता है, न कि जानबूझकर विमान क्रैश करने की थ्योरी की तरफ।
हादसे में अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले रोमिन वोहरा ने दावा किया कि उन्होंने खुद कैप्टन सभरवाल का शव देखा था। उनके मुताबिक, कैप्टन के हाथ उसी तरह हैंडल पर थे जैसे कोई ड्राइवर स्टीयरिंग पकड़ता है। वहीं बीजे मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने बताया कि कैप्टन की बॉडी को बाकी शवों से अलग रखा गया था और उनका चेहरा साफ पहचाना जा सकता था।
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की लंदन गैटविक जाने वाली फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद अहमदाबाद के मेघाणी नगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर पर क्रैश हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों समेत करीब 260 से 274 लोगों की मौत हुई थी। केवल एक यात्री विश्वास कुमार रमेश इस हादसे में जीवित बच पाए थे। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी जान चली गई थी।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच अचानक ‘कट-ऑफ’ मोड में चले गए, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए। कॉकपिट बातचीत में कैप्टन ने को-पायलट से पूछा था कि उसने इंजन कट-ऑफ क्यों किया, जिस पर को-पायलट ने इनकार किया था। बाद में पायलट संगठनों और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई कि लिथियम बैटरी या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट के कारण फ्यूल स्विच अपने आप बंद हो गए होंगे।
अब नई गवाहियों और फोरेंसिक दावों के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है और हादसे की असली वजह को लेकर जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।