अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात में विधानसभा का बजट सत्र खत्म होते ही यात्रियों पर महंगाई की नई मार पड़ी है। सरकारी बसों में सफर करने वालों के लिए अब सफर और महंगा हो गया है। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने बस किराए में 10% की बढ़ोतरी कर दी है, जो शुक्रवार रात 10 बजे से लागू हो गई। विधानसभा का बजट सत्र खत्म होते ही किराया बढ़ाने के फैसले पर यात्रियों ने नाराजगी जताई है। GSRTC के प्रवक्ता आर.डी. गल्चर का कहना है कि किराए में 1 रुपये से 4 रुपये तक की वृद्धि हुई है, लेकिन हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
उदाहरण के तौर पर, वडोदरा से अहमदाबाद के बीच चलने वाली ऑरेंज बसों का किराया काफी बढ़ गया है। GSRTC के मोबाइल ऐप पर वडोदरा CTM से अहमदाबाद CTM तक का किराया पहले 189 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 210 रुपये कर दिया गया है। वहीं, अगर कोई यात्री वोल्वो बस में सफर करता है, तो उसे 259 रुपये से अधिक किराया देना होगा। अहमदाबाद के गीता मंदिर बस स्टेशन तक जाने पर यात्रियों को और ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। GSRTC का कहना है कि 2014 के बाद पहली बार 2023 में किराए में 68% बढ़ोतरी की मांग की गई थी, लेकिन यात्रियों पर अचानक बोझ न पड़े, इसलिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले अगस्त 2023 में 25% बढ़ोतरी की गई थी, और अब 29 मार्च से 10% की वृद्धि की गई है।
GSRTC के इस फैसले से राज्य के 27 लाख यात्री सीधे प्रभावित होंगे। निगम ने किराया बढ़ाने के पीछे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की लागत को वजह बताया है। GSRTC के मुताबिक, 8,000 से अधिक बसों के माध्यम से प्रतिदिन 32 लाख किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की जाती है और लाखों यात्रियों को सुविधा दी जाती है। पिछले 14 महीनों में, निगम ने अपनी सेवाओं को अपग्रेड करते हुए 2,987 नई BS6 बसें शुरू की हैं, जिनमें स्लीपर कोच, लग्जरी, सेमी-लग्जरी, सुपर डीलक्स और मिनी बसें शामिल हैं।
GSRTC का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिन बढ़े हुए किराए से आम यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। खासतौर पर रोजाना सफर करने वाले लोग इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। यात्रियों का कहना है कि हर कुछ महीनों में किराया बढ़ाने से उनकी यात्रा मुश्किल होती जा रही है, जबकि सरकार को इसे नियंत्रित करने के उपाय करने चाहिए।