अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के स्वास्थ्य और खाद्य विभाग ने शहर के होटलों, रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा निरीक्षण तेज कर दिया है। इस अभियान के कारण पिछले वर्ष की तुलना में खाद्य नमूनों के संग्रह और नियमों के उल्लंघन के मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
खाद्य सुरक्षा आंकड़ों में भारी उछाल
नमूनों का संग्रह: वर्ष 2025 में जनवरी से अगस्त के बीच 2,966 खाद्य नमूने एकत्र किए गए थे, जबकि 2026 में 17 अगस्त तक 5,704 नमूने एकत्र किए गए—जो कि 92.3% की वृद्धि दर्शाता है।
विफलता दर (Failure Rate): 2025 की समीक्षा अवधि में 86 नमूने (2.9%) गुणवत्ता परीक्षण में विफल रहे थे, जबकि 2026 में 247 नमूने (4.3%) मानकों पर खरे नहीं उतरे।
प्रमुख कार्रवाई और सील किए गए प्रतिष्ठान
कृत्रिम रंग का प्रयोग: नरोदा स्थित ओम शक्ति द रेस्तरां को सील कर दिया गया क्योंकि इसकी ग्रेवी में मिलावटी/कृत्रिम खाद्य रंग पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, यह त्वचा रोग, एलर्जी और लिवर-किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
खाना पकाने के तेल में TPC का बढ़ा स्तर: जगतपुर स्थित मुंबई मिसल वड़ा पाव को सील किया गया। इसके कुकिंग ऑयल में टोटल पोलर कंपाउंड (TPC) का स्तर 31.5% पाया गया, जो कि 25% की अनुमति सीमा से अधिक है। बार-बार तेल गर्म करने से हाइपरटेंशन और लिवर संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
एनालॉग पनीर पर कार्रवाई: गुजरात सरकार द्वारा 6 अगस्त को एनालॉग (नकली) पनीर के उत्पादन और बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद AMC ने जांच तेज कर दी। 17 अगस्त को नारनपुरा स्थित खोडियार डेयरी फार्म और श्री कैलाश दुग्धालय को एनालॉग पनीर के उपयोग के कारण सील कर दिया गया। इससे पहले 11 अगस्त को भी तीन अन्य इकाइयों को सील किया गया था।
स्ट्रीट फूड पर कार्रवाई: मई माह में शहरभर के पानीपुरी स्टालों से 184 नमूने लिए गए, जिनमें से 34 नमूनों में प्रतिबंधित रंगों का उपयोग पाया गया। अधिकारियों ने संबंधित ठेलों और गाड़ियों को जब्त कर लिया।