अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में नवरात्रि की नौ रातों तक गरबा और डांडिया खेलने की तैयारी के बीच कुछ युवा एक नए वेलनेस ट्रेंड को अपना रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे ज्यादा एनर्जी, शरीर में पानी की कमी दूर करने और चेहरे पर चमक लाने के लिए आईवी ड्रिप ले रहे हैं। इस ट्रेंड को लेकर डॉक्टरों ने सवाल उठाए हैं कि क्या स्वस्थ युवाओं को नवरात्रि में देर तक डांस करने के लिए वाकई ऐसे ट्रीटमेंट की जरूरत है?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद के वेलनेस और ब्यूटी क्लीनिकों में युवाओं के बीच आईवी ड्रिप थेरेपी की मांग बढ़ रही है। इसके तीन सेशन के पैकेज की कीमत करीब 12,000 से 15,000 रुपये बताई जा रही है। इन ड्रिप्स को थकान दूर करने, शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी करने और चेहरे को तरोताजा दिखाने के लिए प्रमोट किया जा रहा है। आईवी थेरेपी में नस के जरिए सीधे खून में तरल पदार्थ, विटामिन और दूसरे पोषक तत्व पहुंचाए जाते हैं। इनमें विटामिन सी, बी विटामिन, जिंक, मैग्नीशियम और ग्लूटाथियोन जैसे तत्व हो सकते हैं।
डॉक्टर बोले- आईवी ड्रिप का मतलब यह नहीं कि वह ज्यादा असरदार है
अपोलो हॉस्पिटल्स के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधी कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ट्रेंड पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि स्वस्थ लोगों में विटामिन या ग्लूटाथियोन वाली वेलनेस ड्रिप से एनर्जी या खूबसूरती में खास फायदा होने के पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं। उनके मुताबिक, अच्छी मात्रा में पानी पीना, पौष्टिक खाना, पूरी नींद लेना और शरीर को आराम देना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि नस के जरिए कुछ देने पर जोखिम हो सकते हैं, भले ही उसमें विटामिन ही क्यों न हों। डॉ. कुमार ने युवाओं को सलाह दी कि वे अप्रमाणित ड्रिप पर पैसे खर्च करने के बजाय हेल्दी डाइट, नींद, एक्सरसाइज और नियमित हेल्थ चेकअप पर ध्यान दें। वहीं, हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. साइरिएक एबी फिलिप्स, जिन्हें सोशल मीडिया पर द लिवर डॉक के नाम से जाना जाता है, ने भी इस चर्चा पर प्रतिक्रिया दी और लोगों की टिप्पणियों की तारीफ की। एक यूजर ने इन ड्रिप्स को मजाक में “महंगा पेशाब” तक कह दिया।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने ली चुटकी
इस ट्रेंड को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक यूजर ने लिखा कि अगर फाल्गुनी पाठक के गरबा पर डांस करने के लिए भी स्टैमिना नहीं है, तो मैदान में उतरने का क्या मतलब है। एक डॉक्टर ने इसे सही होने पर अवैज्ञानिक और अनैतिक बताया। वहीं, एक दूसरे यूजर ने मजाक में कहा कि अगर 1995 जैसी पार्टी करने के लिए आईवी ड्रिप की जरूरत पड़ रही है, तो गरबा या क्लब शायद आपके लिए नहीं है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि वह अपने परिवार में पहली बार ऐसा मेडिकल वेलनेस ट्रेंड देख रहा है, जहां सिर्फ गरबा खेलने के लिए ड्रिप ली जा रही है।