अहमदाबाद न्यूज डेस्क: आईआईएम अहमदाबाद ने 2027-29 बैच के दो साल के पीजीपी यानी एमबीए प्रोग्राम में एडमिशन के नियमों में बदलाव किया है। अब एब्लिकेशन राइटिंग टेस्ट (एडब्ल्यूटी) और पर्सनल इंटरव्यू (पीआई) के लिए छात्रों की शॉर्टलिस्टिंग में कैट 2026 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर की जगह कैट परसेंटाइल का इस्तेमाल किया जाएगा। एडमिशन में कैट के साथ अकादमिक रिकॉर्ड, एडब्ल्यूटी और पीआई को भी देखा जाएगा।
शॉर्टलिस्टिंग के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को कैट 2026 के न्यूनतम ओवरऑल और सेक्शनल परसेंटाइल को पूरा करना होगा। जनरल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए ओवरऑल कट-ऑफ 95 परसेंटाइल और हर सेक्शन में 85 परसेंटाइल है। एनसी-ओबीसी के लिए 90 ओवरऑल और 80 सेक्शनल, एससी के लिए 85 ओवरऑल और 75 सेक्शनल, जबकि एसटी उम्मीदवारों के लिए 75 ओवरऑल और 65 सेक्शनल परसेंटाइल जरूरी है। हालांकि, सिर्फ इन न्यूनतम कट-ऑफ को पूरा करने से एडब्ल्यूटी-पीआई के लिए शॉर्टलिस्ट मिलना तय नहीं होगा।
आईआईएम अहमदाबाद ने शॉर्टलिस्टिंग के कंपोजिट स्कोर का फॉर्मूला भी बदला है। अब इसमें कैट 2026 परसेंटाइल को 65% वेटेज मिलेगा, जबकि बाकी 35% एप्लीकेशन रेटिंग से आएगा। एप्लीकेशन रेटिंग में 10वीं और 12वीं के नंबर, ग्रेजुएशन, वर्क एक्सपीरियंस और जेंडर डायवर्सिटी जैसे फैक्टर शामिल होंगे। इसके बाद उम्मीदवार की अंडरग्रेजुएट स्टडी के विषय के हिसाब से कंपोजिट स्कोर को नॉर्मलाइज किया जाएगा।
एडब्ल्यूटी और पीआई के लिए शॉर्टलिस्ट होना एडमिशन का आखिरी स्टेप नहीं है। फाइनल सेलेक्शन में पीआई को सबसे ज्यादा 50% वेटेज दिया जाएगा, जबकि एडब्ल्यूटी का 10% और बाकी 40% नॉर्मलाइज्ड कंपोजिट स्कोर से आएगा। दो साल के पीजीपी के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 50% अंकों के साथ बैचलर डिग्री या इसके बराबर सीजीपीए होना चाहिए। एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 45% अंक जरूरी हैं। कैट 2026 के रिजल्ट के बाद जनवरी 2027 में एडब्ल्यूटी-पीआई की शॉर्टलिस्ट जारी होने की उम्मीद है।