अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए ब्लड प्लाज्मा में मिलावट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह चांगोदर स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी को भेजे जाने वाले ब्लड प्लाज्मा बैग्स में छेड़छाड़ कर अवैध मुनाफा कमा रहा था, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
पुलिस को मिली खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दिनेशभाई उमाभाई चौधरी पहले विभिन्न फार्मा कंपनियों में ब्लड प्लाज्मा कलेक्शन एग्जीक्यूटिव के रूप में काम कर चुका था और उसे इस प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी थी। उसने ट्रांसपोर्ट वाहन के चालक जितेंद्र सोलंकी और सह-चालक रफीक खलीफा के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया।
पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के विभिन्न ब्लड बैंकों से शुद्ध प्लाज्मा एकत्र किए जाने के बाद आरोपी ड्राइवर और सह-ड्राइवर इसकी सूचना दिनेशभाई को देते थे। इसके बाद कंपनी तक पहुंचाने से पहले वाहन को उसके घर ले जाया जाता था, जहां असली और उच्च गुणवत्ता वाले प्लाज्मा यूनिट निकालकर उनकी जगह मिलावटी प्लाज्मा बैग रख दिए जाते थे। इस तरह ऑर्डर की संख्या पूरी दिखाते हुए बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 12.06 लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया है। जब्त सामग्री में 1,140 ब्लड प्लाज्मा यूनिट, डीप फ्रीजर, रसायनों की बोतलें, सीलिंग मशीन, खाली प्लाज्मा बैग और एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन शामिल हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बाद में इस साजिश के एक अन्य प्रमुख आरोपी मोहन दाजीबा गायकवाड़ को भी गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।