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अहमदाबाद विमान हादसे का भावुक खुलासा, आखिरी पल तक स्टीयरिंग थामे रहे पायलट!

Photo Source : Google

Posted On:Monday, May 18, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद विमान हादसे के लगभग एक साल बाद हादसे से जुड़ी एक बेहद भावुक और दिल दहला देने वाली जानकारी सामने आई है। जिस मुर्दाघर में दुर्घटना के पीड़ितों के शव रखे गए थे, वहां मौजूद रहे एक शख्स ने दावा किया है कि विमान के पायलट का शव अब भी कॉकपिट के स्टीयरिंग कॉलम (योक) को मजबूती से पकड़े हुए था।

डेली मेल से बातचीत में रोमिन वोहरा नाम के व्यक्ति ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान वह अहमदाबाद सिविल अस्पताल में पैथोलॉजी लैब असिस्टेंट के तौर पर काम कर चुके हैं। हादसे में उनकी चाची यास्मीन, भाई परवेज और तीन साल की भतीजी की मौत हुई थी। रिश्तेदारों के शवों की पहचान के लिए वह मुर्दाघर तक पहुंचे थे। रोमिन के अनुसार, वहां का दृश्य बेहद भयावह था और चारों ओर शव व शरीर के अंग बिखरे पड़े थे।

रोमिन ने दावा किया कि मुर्दाघर के एक कोने में विमान के पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमीत सभरवाल का शव अलग रखा गया था। उनके मुताबिक, कैप्टन बैठी हुई अवस्था में थे और उनके हाथों में विमान का डबल-हैंडल योक मौजूद था। उन्होंने बताया कि पायलट की वर्दी, काली टाई और जूते लगभग सही हालत में थे, जबकि शरीर का पिछला हिस्सा झुलस चुका था।

रोमिन के इस दावे का समर्थन वहां मौजूद एक डॉक्टर ने भी किया है। एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दावा सही है, तो इससे यह संकेत मिलता है कि पायलट आखिरी क्षण तक विमान को नियंत्रित करने और यात्रियों की जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।

गौरतलब है कि पिछले साल जारी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। रिपोर्ट के बाद पायलट की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि, कैप्टन सभरवाल के परिवार और पायलट संगठनों ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि मृत पायलटों को बिना पूरी जांच के दोषी ठहराना गलत है।


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