अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। ब्यूरो ने कहा कि हादसे से जुड़ी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR), विमान के अंदर की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और जांच के कई संवेदनशील दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। AAIB के मुताबिक, विमान दुर्घटना जांच नियम, 2025 के तहत इन रिकॉर्ड्स को गोपनीय रखना कानूनी रूप से जरूरी है। साथ ही, हादसे की ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है।
AAIB ने अपने हलफनामे में कहा कि जांच के दौरान दर्ज गवाहों के बयान, पायलट और एयरलाइन कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की रिकॉर्डिंग और मृतकों व घायलों से जुड़ी निजी और मेडिकल जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। ब्यूरो का कहना है कि यदि ऐसे रिकॉर्ड सार्वजनिक किए गए तो भविष्य में गवाह और संबंधित लोग खुलकर जानकारी देने से बचेंगे, जिससे विमान दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह जांच केवल भारतीय नियमों के तहत नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के एनेक्स-13 और शिकागो कन्वेंशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है। जांच का उद्देश्य किसी पायलट, क्रू सदस्य या अन्य व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि हादसे के कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाना है। AAIB ने कहा कि जांच से जुड़ा शेष काम अगले छह सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई थी। कुल 260 लोगों की मौत के साथ यह भारत के सबसे भीषण विमान हादसों में शामिल है। यह हलफनामा हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स और सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन की याचिकाओं के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया है।