अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भारत की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी पर सभी की नजरें होंगी, जब देश पहली बार अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। 2026 हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज का तीसरा चरण शनिवार से शुरू होगा और बुधवार तक चलेगा। अहमदाबाद में होने वाली इस प्रतियोगिता में 19 देशों के 109 तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं। यह टूर्नामेंट एची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
घर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेगी शीतल
19 साल की शीतल देवी इस बार घरेलू दर्शकों के सामने पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरेंगी। वह कंपाउंड महिला वर्ग की वर्ल्ड नंबर-1 और मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। बिना हाथों के जन्मी शीतल अपने दाहिने पैर और कंधे की मदद से धनुष खींचती हैं और मुंह में लगाए गए खास रिलीज एड के जरिए निशाना लगाती हैं। उनकी इस अनोखी तकनीक और शानदार प्रदर्शन ने उन्हें कम उम्र में ही पैरा तीरंदाजी की बड़ी स्टार बना दिया है।
वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली बिना हाथों की महिला
ग्वांगजू में 2025 विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में शीतल ने इतिहास रचा था। उन्होंने कंपाउंड महिला फाइनल में तुर्किये की मौजूदा चैंपियन और पैरालंपिक विजेता ओजनूर क्योर गिरदी को 146-143 से हराकर विश्व खिताब जीता। वह बिना हाथों के पैरा तीरंदाजी विश्व चैंपियन बनने वाली पहली महिला बनीं। इससे पहले पेरिस 2024 पैरालंपिक में राकेश कुमार के साथ मिश्रित टीम में कांस्य पदक जीतकर वह 17 साल की उम्र में भारत की सबसे कम उम्र की पैरालंपिक पदक विजेता बनी थीं। हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे।
पैरा तीरंदाजी से आगे भी बढ़ रही शीतल
शीतल ने 2025 में सामान्य वर्ग की भारतीय तीरंदाजी टीम में जगह बनाकर भी इतिहास रचा। जेद्दा में होने वाले एशिया कप के चयन ट्रायल में तीसरे स्थान पर रहने के बाद वह सक्षम खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीम के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय पैरा तीरंदाज बनीं। इस साल जून में नोवे मेस्तो में पैरा सीरीज के दूसरे चरण में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। कंपाउंड महिला क्वालिफिकेशन में 697 अंक के साथ वह टॉप पर रहीं और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया।
भारत के पास कई बड़े पदक दावेदार
अहमदाबाद में भारत की चुनौती सिर्फ शीतल देवी तक सीमित नहीं होगी। पुरुष कंपाउंड में वर्ल्ड नंबर-1 और मौजूदा विश्व चैंपियन तोमन कुमार टीम की अगुआई करेंगे। पेरिस 2024 मिश्रित टीम कांस्य पदक विजेता राकेश कुमार भी टीम को अनुभव देंगे। रिकर्व वर्ग में पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह भारत की बड़ी उम्मीद होंगे, जबकि महिला वर्ग में वर्ल्ड नंबर-5 पूजा पर भी नजर रहेगी। भारत ने इस सीरीज के बैंकॉक में हुए पहले चरण में सात स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया था।
विदेशी तीरंदाजों से मिलेगी कड़ी चुनौती
अहमदाबाद में भारत के सामने दुनिया के कई शीर्ष तीरंदाज भी होंगे। फ्रांस के वर्ल्ड नंबर-2 गिलाउम टूकुले पुरुष रिकर्व में उतरेंगे। चेकिया की वर्ल्ड नंबर-1 शार्का पुल्तार मुसिलोवा महिला डब्ल्यू1 वर्ग में चुनौती पेश करेंगी, जबकि साइप्रस के वर्ल्ड नंबर-1 क्रिस्टोस मिसोस विजुअली इम्पेयर्ड-1 वर्ग में हिस्सा लेंगे। चीन, चेकिया और ग्रेट ब्रिटेन ने भी मजबूत टीमें भेजी हैं। प्रतियोगिता में रिकर्व, कंपाउंड, डब्ल्यू1 और विजुअली इम्पेयर्ड वर्गों में व्यक्तिगत और टीम मुकाबले होंगे। कुल सात व्यक्तिगत, तीन डबल्स और मिश्रित टीम खिताब दांव पर होंगे, साथ ही खिलाड़ियों को अहम वर्ल्ड रैंकिंग अंक भी मिलेंगे।