अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन परियोजना अब अगले बड़े पड़ाव की ओर बढ़ रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन का ट्रायल मई या जून 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। ट्रायल पूरा होने के करीब 2 से 4 महीने बाद सेवा शुरू किए जाने की तैयारी है। वैष्णव ने वडोदरा में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
रेल मंत्री के मुताबिक, हाईस्पीड ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम तैयार हो चुका है और उसकी मजबूती जांचने के लिए स्क्वीज टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वडोदरा से मुंबई की दूरी बुलेट ट्रेन करीब डेढ़ घंटे में तय करेगी। कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है और सूरत-वापी सेक्शन के दिसंबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद जताई गई है। ट्रेन को अलग-अलग चरणों में चलाने की योजना है, जिसमें सबसे पहले सूरत-बिलीमोरा सेक्शन शुरू होगा। इसके बाद वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद और अहमदाबाद-ठाणे सेक्शन चालू किए जाएंगे, फिर ठाणे वाला हिस्सा तैयार होने के बाद मुंबई तक पूरा रूट शुरू होगा।
वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना के साथ रेलवे में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम, टिकट रिजर्वेशन सिस्टम और निर्माण से जुड़े पुराने नियमों को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में रेलवे ने कई बड़ी परियोजनाएं पूरी की हैं, जिनमें चिनाब ब्रिज और मिजोरम को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली लाइन शामिल हैं। देश में 280 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और करीब 36 हजार किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने का काम भी हुआ है। कोविड-19 के कारण आई रुकावटों के बावजूद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में अब तेजी आने का दावा किया गया है।
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के अलावा सरकार देश में सात और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित कर चुकी है। इनमें दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, बेंगलुरु-चेन्नई, बेंगलुरु-हैदराबाद और चेन्नई-हैदराबाद कॉरिडोर शामिल हैं। रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे जिस आधुनिक रूप में आगे बढ़ रही है, उसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा।