अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद के लोगों और वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। साबरमती नदी पर बने शहर के ऐतिहासिक और व्यस्ततम सुभाष ब्रिज को अब पूरी तरह तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में पुल को आपातकालीन संरचनात्मक मरम्मत के लिए बंद किया गया था और मार्च 2026 में इसके पुनर्वास के लिए 236 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई थी।
शुरुआती योजना के तहत पुल के ऊपरी ढांचे को हटाकर स्टील कंपोजिट गर्डर संरचना बनाई जानी थी और नींव को मजबूत किया जाना था। इसके लिए डी.आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन को ठेका भी दिया गया था। हालांकि हाल ही में पुल के पिलरों में गंभीर दरारें मिलने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने पूरे ढांचे का विस्तृत निरीक्षण किया।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पुल के पिलर करीब 53 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हैं और उनकी संरचनात्मक मजबूती अब सुरक्षित स्तर से नीचे पहुंचने की आशंका है। विशेषज्ञों ने मरम्मत के बजाय पूरे सब-स्ट्रक्चर और पिलरों को हटाकर नया पुल बनाने की सिफारिश की। रिपोर्ट के आधार पर एएमसी ने पुराने पुल को पूरी तरह ध्वस्त कर नया पुल बनाने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के बाद परियोजना की लागत और समयसीमा दोनों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। पहले मरम्मत कार्य को नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब नए पुल के निर्माण में अधिक समय लग सकता है। नगर निगम परियोजना की लागत, डिजाइन, निर्माण अवधि और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और भविष्य में अहमदाबाद की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेगा।