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अहमदाबाद या कर्णावती? नाम के साथ इतिहास पर छिड़ी नई बहस

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, April 8, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद को लेकर इन दिनों एक नई बहस तेज हो गई है, जब शहर का पुराना नाम ‘कर्णावती’ वापस रखने की मांग उठी। इस मुद्दे के साथ ही शहर के इतिहास, खासकर अहमद शाह प्रथम के दौर में हुए बदलावों और सांस्कृतिक विरासत को लेकर चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं।

इस बहस के केंद्र में भद्र किला और माता भद्रकाली से जुड़ा इतिहास है। मान्यताओं के अनुसार, कर्णावती में माता भद्रकाली का एक प्रमुख मंदिर था, जिसे नगरदेवी के रूप में पूजा जाता था। आज भी शहर में भद्रकाली मंदिर मौजूद है और स्थानीय लोग इसे अपनी आस्था और परंपरा का अहम हिस्सा मानते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भों में यह दावा किया जाता है कि 15वीं सदी में अहमद शाह द्वारा शहर बसाने के दौरान कई पुराने ढांचों में बदलाव हुए। जामा मस्जिद की वास्तुकला में भी हिंदू-जैन शैली की झलक देखी जाती है, जैसे नक्काशीदार खंभे और पारंपरिक आकृतियां। हालांकि, इतिहासकारों के बीच इस बात को लेकर अलग-अलग मत हैं—कुछ इसे पुराने ढांचों के पुनः उपयोग के रूप में देखते हैं, जबकि कुछ इसे सांस्कृतिक परिवर्तन की प्रक्रिया मानते हैं।

इतिहासकारों के अनुसार, उस दौर में नए शासकों द्वारा पुराने निर्माणों की सामग्री का उपयोग करना असामान्य नहीं था। वहीं स्थानीय परंपराएं और नाम—जैसे ‘भद्र’—आज भी इस क्षेत्र की पुरानी पहचान की झलक देते हैं। इस तरह अहमदाबाद का इतिहास केवल एक पक्ष नहीं, बल्कि कई दृष्टिकोणों और परंपराओं का मिश्रण है, जिस पर आज भी शोध और बहस जारी है।


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