अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद विमान हादसे में अपने बेटे को खोने वाले 62 वर्षीय गिरधारभाई कलावड़िया आज भी उस दर्द से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। हालांकि, उनका कहना है कि उनके बेटे महेश जिरावाला ने अपनी जिंदगी में जो सपना परिवार के लिए देखा था, वह उसकी मौत के बाद भी पूरा हो गया। मुआवजे से मिले पैसों की मदद से परिवार अब अपने घर में रह रहा है, लेकिन महेश की कमी हर दिन उन्हें महसूस होती है।
महेश जिरावाला उन 260 लोगों में शामिल थे, जिनकी मौत एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हुई थी। 34 वर्षीय महेश एक फिल्म निर्माता और निर्देशक थे, जो गुजराती गीतों और एल्बमों का निर्माण करते थे। हादसे के समय वह स्कूटर से घर लौट रहे थे और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जमीन पर जान गंवाने वाले 19 लोगों में शामिल थे।
गिरधारभाई ने बताया कि हादसे से कुछ ही दिन पहले उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद वह काम करने में असमर्थ हो गए थे। महेश ने उन्हें आराम करने की सलाह देते हुए परिवार की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने का भरोसा दिलाया था। उसने दीपावली से पहले परिवार के लिए खुद का घर खरीदने का वादा भी किया था। उस समय पूरा परिवार किराए के मकान में रह रहा था और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था।
महेश की मृत्यु के बाद परिवार को एयर इंडिया, टाटा समूह और गुजरात सरकार की ओर से कुल 1.29 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। परिवार ने पहले अपने कर्ज चुकाए और फिर अहमदाबाद के नारोदा इलाके में नया फ्लैट खरीदा। गिरधारभाई का कहना है कि भले ही मुआवजे की अधिकांश राशि खर्च हो चुकी है, लेकिन बेटे का सपना पूरा होने का संतोष उन्हें सुकून देता है। अब उनका छोटा बेटा कार्तिक अपना सैलून चला रहा है और परिवार धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रहा है।