अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात के भरूच जिले में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण स्टील ब्रिज का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। त्रालसी गांव के पास भारतीय रेलवे ट्रैक पर बनाए जा रहे 330 मीटर लंबे इस स्टील ब्रिज का 130 मीटर लंबा स्पैन सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। इसके साथ ही अब ब्रिज का कुल 230 मीटर हिस्सा तैयार हो चुका है। यह परियोजना देश की पहली बुलेट ट्रेन सेवा के लिए अहम मानी जा रही है।
यह स्टील ब्रिज वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सूरत-वडोदरा सेक्शन के बीच बनाया जा रहा है। ब्रिज तीन हिस्सों में तैयार हो रहा है, जिसमें 100 मीटर और 130 मीटर का सतत विस्तार तथा 100 मीटर का सिम्पली सपोर्टेड स्पैन शामिल है। हाल ही में लॉन्च किया गया 130 मीटर लंबा हिस्सा करीब 2,900 मीट्रिक टन वजन का है। इसे जमीन से लगभग 14 मीटर ऊंचाई पर अस्थायी ट्रेस्टलों पर तैयार कर विशेष जैक तकनीक से आगे बढ़ाकर स्थापित किया गया।
इससे पहले मार्च 2026 में 100 मीटर लंबे सिम्पली सपोर्टेड स्पैन को भी सफलतापूर्वक लगाया जा चुका था, जिसका वजन करीब 1,500 मीट्रिक टन था। परियोजना के तहत अब एक और 100 मीटर लंबे सतत स्पैन को स्थापित किया जाना बाकी है। तीनों हिस्से पूरे होने के बाद इस विशाल स्टील ब्रिज का कुल वजन करीब 6,100 मीट्रिक टन होगा। ब्रिज की चौड़ाई 15.5 मीटर और ऊंचाई लगभग 18 मीटर रखी गई है।
इस स्टील ब्रिज का निर्माण गुजरात के उमरगांव स्थित फैक्ट्री में किया गया है और इसे 100 वर्षों तक टिकाऊ बनाए रखने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। निर्माण में 1.21 लाख से अधिक हाई-स्ट्रेंथ बोल्ट, विशेष पेंटिंग तकनीक और मेटैलिक बेयरिंग का इस्तेमाल हुआ है। अभी तक गुजरात में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए प्रस्तावित 17 स्टील ब्रिज में से 14 पूरे किए जा चुके हैं, जबकि पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर में कुल 28 स्टील ब्रिज बनाए जाने हैं।