अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल, जिसे राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक माना जाता है, वहां से आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी के फरार होने से हड़कंप मच गया है। हत्या और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सजायाफ्ता कैदी मालदे रामाभाई परमार ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर मुख्य गेट से भागने में सफलता हासिल की। इस घटना ने जेल प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा घेरे पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
कैदियों की गिनती में हुआ खुलासा:
जेलर देवदत्तसिंह गोहिल के अनुसार, घटना का पता 11 मई को तब चला जब यार्ड नंबर 4 में कैदियों की गिनती की गई। कुल 33 कैदियों में से केवल 32 ही मौजूद मिले। गहन जांच के बाद पुष्टि हुई कि मालदे परमार गायब है। मालदे को स्वास्थ्य कारणों से राजकोट जेल से साबरमती शिफ्ट किया गया था, लेकिन वह वहां से भागने की योजना बना चुका था।
CCTV फुटेज से मिला सुराग:
जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। फुटेज में देखा गया कि 11 मई की सुबह करीब 10:10 बजे मालदे बड़ी आसानी से यार्ड से बाहर निकला और सीधे मुख्य गेट की ओर बढ़ गया। उसने गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान भटकाया और मौका पाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। हाई सिक्योरिटी जोन से इस तरह की फरारी ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं।
जांच और पुलिसिया कार्रवाई:
कैदी के फरार होने के बाद राणिप पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस इंस्पेक्टर के मुताबिक, अलग-अलग टीमें गठित कर कैदी की तलाश शुरू कर दी गई है और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जेल प्रशासन भी इस बात की आंतरिक जांच कर रहा है कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और क्या इसमें किसी बाहरी या आंतरिक मिलीभगत की संभावना है।