ताजा खबर
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: 14 बिंदुओं वाले समझौते पर विचार; ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी तो ईरान ने दिखा...   ||    गिरते बाजार पर LIC का बड़ा दांव, लगा दिए 18,500 करोड़ रुपये   ||    10% टैरिफ पर भी ट्रंप को जोर का झटका, कोर्ट ने कहा- ये गैरकानूनी है   ||    सोने-चांदी में जोरदार तेजी, 1750 रुपए महंगी हुई चांदी, 10 ग्राम गोल्ड की इतनी हुई कीमत   ||    मुंबई पायधुनी मामला: फोरेंसिक रिपोर्ट में 'जिंक फॉस्फाइड' की पुष्टि; एक ही परिवार के चार सदस्यों की ...   ||    HDFC Bank के ग्राहकों को तगड़ा झटका! अब इतनी महंगी होगी आपकी होम लोन EMI   ||    17 चौके-छक्के LSG के लिए मिचेल मार्श का सबसे तेज शतक, RCB के गेंदबाजों की लगाई क्लास   ||    होर्मुज जलडमरूमध्य में फँसे भारतीय जहाज, 11 सुरक्षित निकले, 13 अब भी कूटनीतिक मंजूरी के इंतजार में   ||    गरियाबंद सुशासन शिविर, पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी ने प्रशासनिक उदासीनता पर उठाए कड़े सवाल, कलेक...   ||    अहमदाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: प्रेम विवाह के विवाद में समधी की 36 बार रॉड मारकर हत्या, तीन...   ||   

दिल्ली में ट्रकों का चक्का जाम 22 मई से तीन दिवसीय हड़ताल आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर संकट के बादल

Photo Source :

Posted On:Thursday, May 7, 2026

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े परिवहन संकट की दहलीज पर खड़ी है। विभिन्न ट्रक यूनियनों ने सरकार की हालिया नीतियों के विरोध में 22 से 24 मई तक पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया है। इस तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली की सीमाओं पर मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग सकती हैं, जिससे शहर की रसद आपूर्ति (Supply Chain) पूरी तरह चरमरा जाने की आशंका है।

हड़ताल की मुख्य वजह: ECC और BS-4 पर पाबंदी

ट्रक ऑपरेटरों की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में की गई भारी बढ़ोतरी है। यूनियनों का तर्क है कि कमर्शियल वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ उनके व्यवसाय को घाटे में धकेल रहा है। इसके साथ ही, दिल्ली में BS-4 (बीएस-4) श्रेणी के ट्रकों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध ने आग में घी डालने का काम किया है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि ये वाहन बहुत पुराने नहीं हैं और इन्हें अचानक बंद करना लाखों परिवारों की आजीविका पर प्रहार है। वे इस बात से भी क्षुब्ध हैं कि BS-6 जैसे प्रदूषण-मुक्त वाहनों से भी ईसीसी वसूला जा रहा है।

आम जनता पर क्या होगा असर?

हालांकि सरकार का तर्क है कि ये कड़े कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार दिल्ली के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। तीन दिनों तक ट्रकों की आवाजाही रुकने से फल, सब्जी, दूध और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी हो सकती है। मंडियों में सामान न पहुँचने के कारण कीमतों में उछाल आने की प्रबल संभावना है।

आगे क्या?

फिलहाल ट्रक यूनियनें अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार के साथ अब तक की बातचीत बेनतीजा रही है। यदि अगले 48 घंटों में कोई बीच का रास्ता नहीं निकलता, तो दिल्ली के प्रमुख बॉर्डर जैसे सिंघु, गाजीपुर और टिकरी पर ट्रकों की एंट्री बंद रहेगी। जानकारों के मुताबिक, यह हड़ताल लंबी खिंची तो दिल्ली के खुदरा बाजारों में जरूरी सामानों के लिए हाहाकार मच सकता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.