अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों को एक बार फिर कानूनी बाधा का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी ट्रेड कोर्ट (US Trade Court) ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ को "गैरकानूनी" और "अनधिकृत" घोषित कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी ट्रंप के टैरिफ संबंधी फैसलों को असंवैधानिक बता चुका है। हालांकि, कोर्ट का यह ताजा फैसला फिलहाल सभी के लिए नहीं, बल्कि केवल सीमित आयातकों के लिए ही लागू होगा।
कोर्ट का फैसला और तर्क
न्यूयॉर्क स्थित 'कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड' के तीन जजों के पैनल ने 2-1 के बहुमत से यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ने 1974 के ट्रेड एक्ट के तहत कांग्रेस द्वारा दी गई शक्तियों का उल्लंघन किया है। पैनल ने टैरिफ को "अमान्य" बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र से बाहर था।
किसे मिलेगी राहत?
अदालत ने अभी केवल तीन पक्षों के लिए टैरिफ वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया है:
- वाशिंगटन राज्य: पूरे राज्य के लिए टैरिफ पर रोक लगाई गई है।
- निजी कंपनियां: मसाला कंपनी Burlap & Barrel और खिलौना कंपनी Basic Fun को इस फैसले से सीधी राहत मिली है।
बाकी 24 आयातकों ने भी टैरिफ से छूट की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद उन अस्थायी 10% टैरिफ को लेकर है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने फरवरी में सेक्शन 122 के तहत लागू किया था। ये टैरिफ 24 जुलाई को समाप्त होने वाले हैं। ट्रंप ने यह कदम तब उठाया था जब पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा लगाए गए भारी 'डबल-डिजिट' टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट के इस नए रुख ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भविष्य की टैरिफ नीतियों पर सवालिया निशान लगा दिया है।