ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

दिल्ली एनसीआर में अदृश्य खतरा ग्राउंड लेवल ओजोन के बढ़ते स्तर ने बढ़ाई विशेषज्ञों की चिंता

Photo Source :

Posted On:Thursday, May 7, 2026

दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे कणों की मात्रा में हाल के वर्षों में कुछ कमी देखी गई है, लेकिन अब एक नया और घातक प्रदूषक राजधानी की सेहत बिगाड़ रहा है। इसे 'ग्राउंड लेवल ओजोन' या 'बैड ओजोन' कहा जाता है। यह वह सुरक्षात्मक ओजोन नहीं है जो हमें सूर्य की यूवी किरणों से बचाती है, बल्कि यह जमीन के पास बनने वाली एक जहरीली गैस है जो सीधे हमारे फेफड़ों पर हमला करती है।

तेजी से बढ़ता ग्राफ

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों पर आधारित हालिया रिपोर्ट चौंकाने वाली है। साल 2021 में दिल्ली का औसत वार्षिक ओजोन स्तर 52 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो साल 2025 तक बढ़कर 66 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर पहुँच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गैस सांस की नली में सूजन, गले में खराश और अस्थमा के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

धूप और गर्मी का घातक मेल

ओजोन प्रदूषण की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह किसी कारखाने या वाहन से सीधे नहीं निकलता। यह एक 'द्वितीयक प्रदूषक' है, जो तेज धूप की उपस्थिति में नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCs) के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से बनता है। यही कारण है कि मई-जून की भीषण गर्मी में, जब आसमान साफ होता है, यह प्रदूषक अपने खतरनाक स्तर पर पहुँच जाता है।

पूरे उत्तर भारत पर साया

यह संकट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। नोएडा, मेरठ, और मुजफ्फरनगर जैसे एनसीआर के शहरों में भी ओजोन के स्तर में भारी उछाल आया है। राजस्थान के भरतपुर में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ओजोन को नियंत्रित करना पीएम 2.5 की तुलना में कहीं अधिक जटिल है, क्योंकि इसके लिए वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले कई प्रदूषकों को एक साथ कम करना होगा।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.