अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात के अहमदाबाद से एक बेहद विवादित मामला सामने आया है, जहां अवैध गोहत्या के आरोपियों पर पुलिसिया कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वेजलपुर इलाके की इस घटना ने कानून और पुलिस के अधिकार क्षेत्र पर एक नई बहस छेड़ दी है।
छापेमारी और गिरफ्तारी:
अहमदाबाद पुलिस को वेजलपुर के सोनल सिनेमा के पास एक मैदान में अवैध कटान की सूचना मिली थी। मंगलवार सुबह की गई इस छापेमारी में पुलिस ने तीन आरोपियों—मुश्ताक ताहिरभाई, रईस शेख और मुनाफ दीवान को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी जहीरुद्दीन शेख उर्फ 'जहीर डब्बा' फरार है, जो पहले भी ऐसे मामलों में संलिप्त रहा है।
वायरल वीडियो और विवाद:
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक को पुलिस वाहन के बोनट पर लिटाकर डंडों से पीटते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में युवक दर्द से चिल्लाते हुए "या अल्लाह मुझे बचा लो" और "मम्मी बचा लो" की गुहार लगा रहा है। इस वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेट यूजर्स का एक बड़ा वर्ग इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बता रहा है, जबकि कुछ लोग सख्त कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।
बरामदगी और जांच:
वेजलपुर पुलिस के अनुसार:
मौके से करीब 520 किलो संदिग्ध मांस बरामद किया गया, जिसकी कीमत 1.56 लाख रुपये आंकी गई है।
एक जीवित सफेद बछड़ा भी रेस्क्यू किया गया।
फॉरेंसिक लैब (FSL) की रिपोर्ट में कथित तौर पर मांस के 'गोवंश' होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने मौके से चाकू, तराजू और बिना नंबर प्लेट वाली कार समेत कुल 4.66 लाख की संपत्ति जब्त की है।
कानूनी कार्रवाई:
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), गुजरात पशु संरक्षण संशोधन अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फरार 6 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। हालांकि, मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है, जहां लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आरोपी को सजा देने का अधिकार न्यायपालिका का है या पुलिस का।