ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

इंश्योरेंस पॉलिसी बंद कराने के नाम पर महिला पुलिस इंस्पेक्टर से 5.4 लाख की साइबर ठगी

Photo Source : Google

Posted On:Saturday, August 29, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सिविल डिफेंस होम गार्ड्स में तैनात 45 वर्षीय महिला पुलिस इंस्पेक्टर से ठगों ने 5.4 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को एक इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताकर उन्हें फोन किया और बंद हो चुकी बीमा पॉलिसियों की रकम और मैच्योरिटी अमाउंट दिलाने का झांसा दिया। महिला अधिकारी ने 27 अगस्त को गुजरात यूनिवर्सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के मुताबिक, ठगी की शुरुआत 11 अगस्त को एक अनजान नंबर से आए फोन के साथ हुई। कॉल करने वाले ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी के दिल्ली मुख्यालय का कर्मचारी बताया और महिला की दो बीमा पॉलिसियों की सही जानकारी देकर भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि किसी एजेंट ने पॉलिसी की 80 प्रतिशत रकम के लिए क्लेम कर दिया है, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है। इसके बाद उसने उनकी ओर से शिकायत दर्ज कराने की बात कही और मैसेज के जरिए एक शिकायत नंबर भी भेजा।

अगले दिन दूसरे शख्स ने खुद को कंपनी का मैनेजर बताया और कहा कि महिला ने पॉलिसियों के प्रीमियम के तौर पर 10.8 लाख रुपये जमा किए हैं, जिस पर 8.7 लाख रुपये ब्याज बन चुका है। उसने दावा किया कि पॉलिसी बंद करने पर कुल 19.5 लाख रुपये वापस मिल सकते हैं। इसके लिए पहले 99,227 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर मांगे गए। महिला ने QR कोड और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए यह रकम कई किस्तों में भेज दी। इसके बाद 18 अगस्त को ठगों ने GST के नाम पर 4.4 लाख रुपये और मांगे और रकम वापस मिलने का भरोसा दिया। महिला ने 50 हजार रुपये QR कोड और 3.9 लाख रुपये दो बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए 19 और 20 अगस्त को भेज दिए।

24 अगस्त को एक अन्य ठग ने खुद को इंश्योरेंस मैनेजर बताते हुए कहा कि पॉलिसी की रकम बढ़कर 24.9 लाख रुपये हो गई है और जल्द ही खाते में जमा हो जाएगी। लेकिन इसके बाद उसने रकम जारी करने के लिए इंश्योरेंस ई-अकाउंट खोलने और उसमें 5.1 लाख रुपये रखने की नई शर्त रख दी। इस मांग पर महिला अधिकारी को शक हुआ और उन्होंने 25 अगस्त को साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क किया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उन बैंक खातों व फोन नंबरों की भी जांच की जा रही है, जिनके जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.