अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने जून महीने में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए शहरभर में खाने-पीने की वस्तुओं के 709 सैंपल लिए। साथ ही 1,877 फूड एस्टेब्लिशमेंट की जांच की गई। जांच के दौरान 46 सैंपल 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के तहत मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनमें दो सैंपल असुरक्षित और 44 घटिया गुणवत्ता के पाए गए।
नगर निगम के अनुसार, जांच में कोल्ड ड्रिंक, गन्ने का रस, आम मिल्कशेक, तरबूज का जूस, दूध और डेयरी उत्पाद, मिठाइयां, बेकरी आइटम, नमकीन, बेसन, मैदा, अनाज, खाद्य तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने शामिल थे। सबसे अधिक 229 सैंपल विभिन्न खाद्य उत्पादों के, 121 सैंपल दूध एवं डेयरी उत्पादों के और 101 सैंपल मसालों के लिए गए। दो असुरक्षित सैंपलों के मामले में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ अदालत में केस दर्ज किए जाएंगे, जबकि 44 मामलों में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभियान के दौरान एएमसी ने 545 नोटिस जारी किए, करीब 2,748 किलोग्राम और 1,269 लीटर अस्वच्छ खाद्य सामग्री नष्ट कराई तथा 10.29 लाख रुपये का प्रशासनिक शुल्क वसूला। इसके अलावा, इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल की गुणवत्ता जांचने के लिए 387 टोटल पोलर कंपाउंड (TPC) टेस्ट भी किए गए। निगम ने शहर में 10 हजार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम से जोड़ा है, जिससे ग्राहक स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता पर अपनी राय दे सकते हैं।
जून के दौरान एएमसी ने स्वच्छता नियमों और लाइसेंस संबंधी अनियमितताओं के चलते चार प्रतिष्ठानों को सील भी किया। इनमें साफ-सफाई में कमी, रसोई में कीड़े मिलने और बिना वैध फूड सेफ्टी लाइसेंस के संचालन जैसे मामले सामने आए। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों की नियमित जांच जारी रहेगी।