अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगर निगम के क्लास-1 चीफ फायर ऑफिसर अमित डोंगरे और एक निजी बिचौलिए भावसिंह झाला को कथित तौर पर 36 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छह इमारतों के फायर एनओसी जारी करने के बदले प्रत्येक एनओसी के लिए 6 हजार रुपये मांगे गए थे।
मामला तब सामने आया जब एक नागरिक ने एसीबी से शिकायत की कि गुजरात सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर फायर एनओसी के लिए आवेदन करने के बावजूद उससे पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोपों का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई। 7 अगस्त को मेमनगर स्थित यस एक्वा कॉम्प्लेक्स के पास दो सरकारी पंच गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने 36 हजार रुपये झाला को दिए, जिसके बाद एसीबी टीम ने उसे कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को झाला और चीफ फायर ऑफिसर अमित डोंगरे के बीच कथित संबंध का पता चला। एसीबी का आरोप है कि झाला, डोंगरे की ओर से फायर सेफ्टी मंजूरी से जुड़े मामलों में पैसे इकट्ठा करता था। इसके बाद डोंगरे को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद अहमदाबाद नगर निगम में फायर एनओसी जारी करने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। अमित डोंगरे को अक्टूबर 2024 में नगर निगम का चीफ फायर ऑफिसर नियुक्त किया गया था और वह इस पद पर निगम के बाहर से नियुक्त होने वाले पहले अधिकारियों में शामिल थे। फिलहाल एसीबी यह जांच कर रही है कि 36 हजार रुपये की यह कथित रिश्वत एक अलग घटना थी या फायर एनओसी जारी करने के नाम पर पैसे वसूलने की कोई बड़ी व्यवस्था चल रही थी।