अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन करावास' के तहत तीन साल से फरार चल रहे दो विचाराधीन कैदियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अशोक उर्फ महाराज पटेल (48) और उनकी पत्नी रेणुका पटेल (51) के रूप में हुई है। दोनों को शहर के रामोल इलाके में सीटीएम पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, दंपती को अगस्त 2023 में अंतरिम जमानत मिली थी और 9 अगस्त 2023 को अहमदाबाद सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन जमानत अवधि समाप्त होने के बाद वे वापस नहीं लौटे। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने अपना भेष बदल लिया और गुजरात के विभिन्न मंदिरों के बाहर भीख मांगकर गुजारा करते रहे।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि दोनों सीटीएम क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद निगरानी रखकर उन्हें गिरफ्तार किया गया और दोबारा अहमदाबाद सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, अशोक और रेणुका कई गंभीर मामलों में विचाराधीन कैदी हैं। उनके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और निषेध अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
अशोक का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2015 से जुड़ा है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, अपहरण, दुष्कर्म और जालसाजी समेत कई संगीन आरोप दर्ज हैं। वहीं, रेणुका भी कई मामलों में सह-आरोपी है।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि यह कार्रवाई उसके विशेष अभियान 'ऑपरेशन करावास' के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अंतरिम जमानत या पैरोल के बाद फरार हुए कैदियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करना है।