अहमदाबाद न्यूज डेस्क: वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी मोहम्मद अबरार मनियार को बेटी के निकाह में शामिल होने के लिए अदालत से पैरोल मिली थी। निर्धारित अवधि के दौरान उसे गुजरात की साबरमती जेल से उज्जैन लाया गया। निकाह की रस्म पूरी होने के बाद सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उसे वापस जेल रवाना कर दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। बेगमबाग स्थित उसके आवास के बाहर गुजरात पुलिस और उज्जैन पुलिस के संयुक्त रूप से करीब 50 जवान तैनात किए गए थे। पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल अलर्ट पर रहे।
रविवार को आयोजित निकाह समारोह से पहले पुलिस ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली। सुरक्षा कारणों से घर के आसपास बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। गलियों, छतों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई। निकाह की सभी रस्में पुलिस की कड़ी निगरानी में संपन्न हुईं। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह करीब छह बजे गुजरात पुलिस उसे वापस साबरमती जेल लेकर रवाना हो गई।
मोहम्मद अबरार मनियार वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच के दौरान आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने देशभर से 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने 49 आरोपियों को दोषी ठहराया, जिनमें 38 को मृत्युदंड और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इन दोषियों में उज्जैन जिले के पांच आरोपी भी शामिल हैं।