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वाशिंगटन-तेहरान के बीच ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता: 60 दिनों के अंतरिम समझौता ज्ञापन के मसौदे पर बनी सहमति, ट्रंप और ईरानी शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिकी निगाहें

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Posted On:Friday, May 29, 2026

वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में लगातार जारी सैन्य टकरावों और तनावपूर्ण माहौल के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के मुख्य वार्ताकारों ने एक अभूतपूर्व कूटनीतिक सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों और अमेरिकी अधिकारियों से प्राप्त ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के राजनयिक एक 60-दिवसीय अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे पर सर्वसम्मति से सहमत हो गए हैं। हालांकि, इस ऐतिहासिक दस्तावेज को आधिकारिक तौर पर लागू करने के लिए अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च धार्मिक व राजनीतिक नेतृत्व की अंतिम विधिवत मंजूरी मिलना बाकी है। राजनयिक गलियारों में इस प्रस्तावित रूपरेखा को हालिया सैन्य संघर्ष की शुरुआत के बाद से दोनों धुर-विरोधी देशों के बीच का सबसे बड़ा शांति प्रयास माना जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी अंतरिम समझौते के तहत फारस की खाड़ी और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह 'बाधारहित' और सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके तहत ईरान को 30 दिनों के भीतर इस जलमार्ग में बिछाई गई अपनी सभी नौसैनिक बारूदी सुरंगों को हटाना होगा, जिसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा। इसके अतिरिक्त, मसौदे में ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने की कड़ी प्रतिबद्धता शामिल है, जिसके एवज में अमेरिका 60 दिनों की इस समय-सीमा के भीतर ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने और उसके जब्त किए गए वैश्विक धन को जारी करने पर गहन चर्चा के लिए तैयार हुआ है। यद्यपि पिछले 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों सेनाओं के बीच दो छिटपुट सैन्य झड़पें भी दर्ज की गई हैं, जो इस शांति वार्ता के नाजुक मोड़ को दर्शाती हैं, फिर भी कूटनीतिज्ञों को उम्मीद है कि यह समझौता ईरानी अर्थव्यवस्था की बहाली और क्षेत्र में स्थिरता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।


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