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जापान बनाएगा दूसरी राजधानी? टोक्यो में भूकंप के खतरे के बीच सरकार ने शुरू की तैयारी

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Posted On:Thursday, July 30, 2026

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान सरकार ने दूसरी राजधानी की तलाश से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस योजना को लेकर देश में राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस कदम से कुछ राजनीतिक दलों को फायदा मिल सकता है।

टोक्यो में भूकंप का बड़ा खतरा

जापान सरकार के दूसरी राजधानी बनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण टोक्यो में भूकंप का खतरा बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले 30 वर्षों में टोक्यो क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका जताई गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, टोक्यो के नीचे कई सक्रिय फॉल्ट लाइन मौजूद हैं। जापान एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें पैसिफिक प्लेट, फिलिपीन प्लेट, यूरेशियन प्लेट और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट शामिल हैं।

इसी वजह से जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है। सरकार का मानना है कि अगर टोक्यो में कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आती है तो देश के प्रशासन और अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए एक वैकल्पिक केंद्र होना जरूरी है।

टोक्यो पर ज्यादा निर्भरता कम करने की कोशिश

दूसरी राजधानी बनाने की योजना का एक कारण टोक्यो पर अत्यधिक निर्भरता भी है। वर्तमान में जापान की बड़ी कंपनियों के मुख्यालय टोक्यो में स्थित हैं और देश की बड़ी आबादी भी इसी क्षेत्र में रहती है।

टोक्यो जापान का आर्थिक, राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर मौजूद हैं। सरकार का मानना है कि सत्ता और आर्थिक गतिविधियों को एक ही शहर तक सीमित रखने से आपदा के समय बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

लंबे समय से चल रही है योजना

जापान सरकार दूसरी राजधानी के विचार पर काफी समय से विचार कर रही है। साल 2010 में पहली बार इस तरह की योजना पर चर्चा शुरू हुई थी।

सरकार का उद्देश्य एक ऐसी जगह विकसित करना है जो टोक्यो के लिए बैकअप राजधानी की तरह काम कर सके। अगर किसी बड़े भूकंप या आपदा के कारण टोक्यो में प्रशासनिक काम प्रभावित होते हैं, तो दूसरी राजधानी से सरकारी कामकाज जारी रखा जा सकेगा।

नई राजधानी को लेकर विवाद

हालांकि, इस योजना पर जापान में राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि दूसरी राजधानी बनाने की प्रक्रिया से कुछ राजनीतिक समूहों को फायदा मिल सकता है।

इसके बावजूद सरकार का तर्क है कि यह फैसला किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए लिया जा रहा है।

जापान जैसे भूकंप प्रभावित देश में आपदा प्रबंधन हमेशा बड़ी प्राथमिकता रहा है। ऐसे में दूसरी राजधानी की योजना आने वाले वर्षों में देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।


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