अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात में अप्रैल की तपती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में बेमौसम बारिश और धूल भरी आंधी का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अरब सागर के ऊपर बने एक 'पश्चिमी विक्षोभ' और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के मिलन ने वायुमंडलीय दबाव में बड़ा बदलाव किया है। इसके परिणामस्वरूप, 7 अप्रैल को गुजरात के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, साबरकांठा और अरावली जैसे उत्तर गुजरात के जिलों के साथ-साथ मध्य और दक्षिण गुजरात के पंचमहल, दाहोद, वडोदरा, भरूच और नर्मदा में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र भी इस बदलाव से अछूता नहीं रहेगा; यहाँ सुरेंद्रनगर, राजकोट, जामनगर, मोरबी और द्वारका जैसे जिलों में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
अहमदाबाद में भी इस मौसमी बदलाव का असर देखने को मिल रहा है, जहाँ 7 अप्रैल की सुबह तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बादलों और संभावित बारिश के कारण अगले दो दिनों तक पारे में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राहत अल्पकालिक है और 12 अप्रैल के बाद से शुष्क स्थितियां फिर से लौट आएंगी।
8 अप्रैल से गुजरात का मौसम एक बार फिर करवट बदलेगा और स्थितियां शुष्क होने लगेंगी। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है, जो राज्य में भीषण गर्मी की वापसी का संकेत है। किसानों को इस बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि कटी हुई फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल, यह संक्षिप्त मौसमी उलटफेर पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।