अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्थित सेंट जेवियर्स लोयोला स्कूल पर ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्कूल पर आरोप है कि वह छात्रों से वही अधिक शुल्क वसूल रहा है, जिसे फीस कमेटी ने मंज़ूरी ही नहीं दी। इसी वजह से DEO ने स्कूल को सात दिन के भीतर पूरा स्पष्टीकरण देने का नोटिस भेजा है।
मामला दरअसल स्कूल द्वारा तय की गई फीस और कमेटी द्वारा मंज़ूर की गई फीस के अंतर से जुड़ा है। स्कूल ने 39,360 रुपये शुल्क का प्रस्ताव दिया था, लेकिन खर्च और रिकॉर्ड जांचने के बाद फीस कमेटी ने इसे घटाकर 22,500 रुपये तय किया। इसके बावजूद स्कूल कथित तौर पर पहले वाला यानी ज़्यादा शुल्क ही लेता रहा। कमेटी ने इसे गंभीर मानकर करीब 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली को FD में जमा करने का आदेश दिया था।
स्कूल ने इस फैसले के खिलाफ रिवीजन कमेटी में अपील कर दी। तय हुआ था कि आगे की कार्रवाई कमेटी के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी—यदि पुराना फैसला कायम रहा तो FD का पैसा छात्रों को लौटेगा, और अगर फीस बढ़ाई गई तो स्कूल के पक्ष में समायोजित होगा। लेकिन अभी तक रिवीजन कमेटी ने कोई फैसला नहीं दिया है, और इस बीच DEO को पता चला कि स्कूल अभी भी वही बढ़ी हुई फीस ले रहा है, जिसका कोई अधिकार उसे नहीं है।
इसी आधार पर जारी नोटिस में स्कूल से पूछा गया है कि कितने छात्रों से कितनी राशि वसूली गई, क्या कोई लिखित अनुमति है, और कौन-कौन सी रसीदें जारी की गईं। अगर स्कूल सात दिनों में जवाब नहीं देता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।