अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भारतीय बैकस्ट्रोक तैराक और ओलंपियन माना पटेल ने अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने पर अपनी खुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का अधिकार अपने ही शहर को मिलना उनके लिए गर्व का क्षण है। 20 साल बाद भारत एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित करेगा, इसलिए यह पल और भी खास है।
माना ने बताया कि पिछली बार 2010 में दिल्ली ने ये गेम्स होस्ट किए थे, और लंबे इंतज़ार के बाद अब उनका अपना शहर इस वैश्विक आयोजन की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि अहमदाबाद में पली-बढ़ी होने और वहीं से अपनी तैराकी यात्रा शुरू करने के कारण यह खबर उन्हें बेहद भावुक कर गई। उनके अनुसार, यह आयोजन पूरे देश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए सीखने और आगे बढ़ने का बड़ा मौका बनेगा।
उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की। माना के मुताबिक, खेलों को लेकर प्रधानमंत्री का विज़न और महिलाओं को प्रोत्साहित करने की पहल ने देशभर में माहौल बदला है। गुजरात में 'खेल महाकुंभ' जैसी शुरुआत और 'खेलो इंडिया' के लगातार विस्तार से लड़कियों और युवाओं को मंच मिला है। इसी का नतीजा है कि आज अहमदाबाद में वीर सावरकर जैसे आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सक्रिय हैं।
गुजरात के उन एथलीट्स को भी माना ने संदेश दिया जो 2030 की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अब उच्च स्तर की ट्रेनिंग सुविधाएं मौजूद हैं, इसलिए खिलाड़ियों को इनका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने याद किया कि शुरुआत में उन्हें बेहतर कोचिंग के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन आज गुजरात खुद एथलीट्स के लिए मजबूत खेल माहौल उपलब्ध करा रहा है।