अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भारत की लंबे समय से चल रही कोशिश आखिर अब सफल होने जा रही है। ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में बुधवार को भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को औपचारिक मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। यानी 20 साल बाद फिर से यह बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट हमारे देश में लौटने वाला है, जो भारत की स्पोर्ट्स हब बनने की महत्वाकांक्षा को एक नई ऊंचाई देगा।
पिछले एक महीने से भारत का नाम लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन अब बुधवार की वोटिंग इसे आधिकारिक रूप से पक्का कर देगी। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट बोर्ड पहले ही अपनी तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुका है। अब सिर्फ औपचारिक सील बाकी है, जो भारत को इस मेगा स्पोर्टिंग इवेंट की तैयारी शुरू करने का संकेत देगी।
इससे पहले बोर्ड की ओर से की गई विस्तृत समीक्षा में तकनीकी क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रशासनिक व्यवस्था, एथलीट अनुभव और कॉमनवेल्थ मूवमेंट के मूल्यों के अनुरूपता जैसी कई कसौटियों पर भारत को परखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत इन सभी प्रमुख बिंदुओं पर मजबूत पाया गया और इसी वजह से यह सिफारिश आगे बढ़ाई गई।
अगर मंजूरी मिल जाती है, तो यह भारत के लिए न सिर्फ एक बड़े आयोजन की जिम्मेदारी होगी, बल्कि वैश्विक खेल मंच पर अपनी मौजूदगी साबित करने का एक बड़ा मौका भी होगा। आने वाले समय में भारत दुनिया के प्रमुख खेल आयोजक देशों की कतार में तेजी से शामिल होता दिखाई देगा।