अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। अहमदाबाद के मणिनगर में भारतीय रेलवे के इतिहास का अब तक का सबसे भारी पोर्टल बीम सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।
प्रमुख उपलब्धियां और तकनीकी विवरण
विशालकाय ढांचा: मणिनगर में लगाया गया यह सीमेंट का पोर्टल बीम 1100 टन वजनी है। इसकी विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह लगभग 150 हाथियों के कुल वजन के बराबर है।
दुनिया की सबसे शक्तिशाली क्रेन: इस भारी-भरकम बीम को उठाने के लिए 2200 टन क्षमता वाली क्रॉलर क्रेन का उपयोग किया गया। इस क्रेन को असेंबल करने के लिए 110 बड़े ट्रेलरों के जरिए इसके हिस्से साइट पर लाए गए थे।
समय की बचत: महीनों की बारीकी से की गई प्लानिंग के बाद, इंजीनियरों ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को मात्र साढ़े तीन घंटे में पूरा कर लिया।
उद्देश्य: इस बीम का मुख्य कार्य ट्रैक को वह मजबूती प्रदान करना है जिससे 300 किमी/घंटा से अधिक की गति पर ट्रेन पूरी तरह स्थिर और सुरक्षित रहे।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति (अप्रैल 2026)
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब निर्माण के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा किए गए ताजा अपडेट्स इस प्रकार हैं:
निर्माण कार्य की प्रगति: * 300 किमी से अधिक वायाडक्ट (पुल) का निर्माण पूर्ण।
435 किमी फाउंडेशन कार्य और 338 किमी गर्डर इंस्टॉलेशन पूरा।
168 किमी ट्रैक बिछाने का काम संपन्न हो चुका है।
अंडरसी टनल: भारत की पहली 7 किमी लंबी समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग का निर्माण जारी है, जो जमीन से 25 से 65 मीटर गहरी होगी।
डेडलाइन: भारत की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 तक पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार होगी।
भविष्य के नए कॉरिडोर
बजट 2026 में सरकार ने कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है:
दिल्ली-अमृतसर
दिल्ली-बनारस
मुंबई-नागपुर
मैसूर-चेन्नई (अन्य तीन सहित कुल सात रूट)
यह परियोजना न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि भारत को दुनिया के उन गिने-चुने देशों की कतार में खड़ा कर देगी जिनके पास अत्याधुनिक हाई-स्पीड रेल तकनीक है।