अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत एक बड़ा इंजीनियरिंग कारनामा सामने आया है। यहां मणिनगर इलाके में 1360 मीट्रिक टन वजनी विशाल गर्डर को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इस उपलब्धि का वीडियो खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा करते हुए बताया कि यह जटिल काम महज साढ़े तीन घंटे में पूरा कर लिया गया।
यह गर्डर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 34 मीटर लंबा यह प्रीकास्ट-प्रीस्ट्रेस्ड पोर्टल बीम अब तक का सबसे भारी ढांचा माना जा रहा है, जिसे रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थापित किया गया है। मणिनगर रेलवे स्टेशन के पास ऐसे कुल पांच बीम लगाए जाने की योजना है।
इस जटिल प्रक्रिया को बेहद कम समय में पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके लिए रेलवे ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। जहां पहले इस तरह के काम में कई घंटे या महीनों की योजना बनती थी, वहीं इस बार अत्याधुनिक तकनीक और सटीक समन्वय से इसे केवल 3.5 घंटे में अंजाम दिया गया।
इस भारी गर्डर को उठाने के लिए 2200 मीट्रिक टन क्षमता वाले क्रॉलर क्रेन सहित कई हाई-टेक मशीनों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही प्रीस्ट्रेस्ड मैकलॉय रॉड और विशेष लिफ्टिंग सिस्टम की मदद से इसे सुरक्षित तरीके से स्थापित किया गया। यह उपलब्धि भारत में हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।