अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में गुरुवार का दिन हवा की गुणवत्ता के लिहाज़ से बेहद खराब साबित हुआ। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया, जिसने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है—खासतौर पर सांस व दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 203 से 222 के बीच AQI दर्ज किया, जिससे शहर की हवा दिल्ली की सर्दियों वाली स्मॉग जैसी खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई। धीमी पड़ती सर्दी की शुरुआत और मौसम में उतार-चढ़ाव ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया है। सुबह-सुबह छाई धुंध ने लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया।
शहर में PM10 के स्तर में तेज़ उछाल देखा गया, खासकर थलतेज और बोडकदेव में, जहां AQI 220 से ऊपर दर्ज हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि खांसी, जुकाम और ब्रोंकाइटिस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। हवा में मौजूद बारीक कण फेफड़ों की गहराई तक पहुंच रहे हैं और इससे COPD यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले कोविड-19 हो चुका है, उनके लिए यह प्रदूषण और भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ संवेदनशील लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदूषण नियंत्रण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सुधार बहुत कम दिखाई देता है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम जैसे अभियानों के बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित होकर रह गई हैं। ऐसे में शहर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और लोगों की सेहत पर इसका असर साफ दिखने लगा है।