अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद के नारोल में 19 मार्च को एक सड़क हादसे में अज्ञात व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने इसे एक्सीडेंट मानकर मामला दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन जब रिपोर्ट आई तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई—मृतक की मौत सड़क दुर्घटना से नहीं बल्कि हत्या से हुई थी। पोस्टमार्टम में शरीर पर कई गहरे घाव और फ्रैक्चर मिले, जो आमतौर पर किसी एक्सीडेंट में नहीं होते। इसके बाद पुलिस ने जांच का रुख बदला और इस केस को हत्या के एंगल से देखना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले मृतक की पहचान की, जिसका नाम भगीरा था और वह होटल व ढाबों में छोटे-मोटे काम करता था। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई ऐसा वीडियो नहीं मिला जिससे पता चले कि कोई वाहन भगीरा को टक्कर मारकर भागा था। फिर पुलिस को एक फुटेज मिला जिसमें दो लोग किसी चीज़ को घसीटते हुए उसी जगह पर ले जा रहे थे, जहां से भगीरा की लाश बरामद हुई थी। पुलिस ने इन दोनों व्यक्तियों की पहचान कर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि नशे की हालत में हुए झगड़े के बाद उन्होंने भगीरा को बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई, और फिर उसकी लाश को सड़क किनारे फेंक दिया।
अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस की मदद से इस केस को सुलझाया गया और आरोपी राजू सिंह व ईश्वर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी सफीन हसन ने बताया कि यह एक योजनाबद्ध हत्या थी, जिसे एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने हत्या के इस मामले में बीएनएस की धारा 103(1), 54 और जीपी एक्ट की धारा 135(1) भी जोड़ी है। फिलहाल, आगे की जांच के लिए दोनों आरोपियों को नारोल पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया गया है।