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5 साल में इन 6 दिग्गज शेयरों ने दिया निगेटिव रिटर्न

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Posted On:Tuesday, August 25, 2026

शेयर बाजार में निवेश करते समय बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयरों को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है। खासकर निफ्टी में शामिल लार्जकैप कंपनियों पर निवेशकों का भरोसा ज्यादा रहता है। लेकिन बाजार में बड़ा नाम होना हमेशा अच्छे रिटर्न की गारंटी नहीं देता। पिछले 5 साल का प्रदर्शन इसका उदाहरण है।

निफ्टी की 6 दिग्गज कंपनियों ने इस अवधि में निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया है। इस सूची में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, HDFC Life Insurance, Asian Paints और HDFC Bank जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये कंपनियां अपने-अपने सेक्टर की मजबूत कंपनियां हैं, लेकिन ग्रोथ में सुस्ती, महंगे वैल्यूएशन, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सेक्टर से जुड़ी चुनौतियों के कारण इनके शेयरों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

TCS के शेयर में 37% की गिरावट

इस सूची में सबसे खराब प्रदर्शन IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS का रहा है। पिछले 5 साल में कंपनी के शेयर में करीब 37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के सामने ग्लोबल IT खर्च में कमजोरी और क्लाइंट्स की ओर से लागत घटाने का दबाव बड़ी चुनौती रहा है।

इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने पारंपरिक IT सर्विस मॉडल को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि AI के दौर में बड़ी IT कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को कितनी तेजी से बदल पाती हैं।

Infosys भी निवेशकों को नहीं दे पाई मुनाफा

TCS के साथ Infosys का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है। पिछले 5 साल में Infosys के शेयर में करीब 34 फीसदी की गिरावट बताई गई है। ग्लोबल कंपनियों की ओर से टेक्नोलॉजी बजट में कटौती और नए प्रोजेक्ट्स पर सावधानी का असर भारतीय IT कंपनियों पर पड़ा है।

AI के आने से कंपनियों के लिए अवसर जरूर बढ़े हैं, लेकिन इसके साथ पारंपरिक आउटसोर्सिंग कारोबार पर दबाव भी बढ़ा है। क्लाइंट्स कम कीमत में ज्यादा टेक्नोलॉजी सर्विस चाहते हैं, जिससे IT कंपनियों के मार्जिन और ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है।

HUL और Asian Paints का भी कमजोर प्रदर्शन

इस सूची में FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी Hindustan Unilever यानी HUL भी शामिल है। कंपनी को ग्रामीण और शहरी बाजारों में मांग की चुनौती, प्रतिस्पर्धा और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री से जुड़े दबाव का सामना करना पड़ा है।

वहीं Asian Paints के सामने बढ़ती प्रतिस्पर्धा बड़ी चुनौती बनी है। पेंट इंडस्ट्री में नए खिलाड़ियों की एंट्री और कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धा ने कंपनी की ग्रोथ पर असर डाला है। मजबूत ब्रांड होने के बावजूद शेयर बाजार में इसका प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।

HDFC Life और HDFC Bank भी सूची में

बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी HDFC Life Insurance और बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज HDFC Bank भी उन कंपनियों में शामिल हैं, जिनके शेयरों ने 5 साल की अवधि में निगेटिव रिटर्न दिया है।

HDFC Bank के मामले में विलय के बाद बिजनेस को एकीकृत करने, ग्रोथ बनाए रखने और मार्जिन से जुड़ी चुनौतियों पर निवेशकों की नजर रही है। बैंकिंग सेक्टर में ब्याज दरों और जमा की लागत जैसे कारक भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।

IT सेक्टर पर AI का बढ़ता असर

भारतीय IT कंपनियों के लिए आने वाला समय बदलाव का दौर हो सकता है। AI की वजह से कुछ पारंपरिक सेवाओं की मांग में कमी आ सकती है, लेकिन दूसरी ओर AI से जुड़ी नई सेवाओं और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से कंपनियों के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

IT कंपनियों को अब केवल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर कारोबार बढ़ाने के बजाय AI और ऑटोमेशन के जरिए ज्यादा वैल्यू देने पर ध्यान देना होगा। यही बदलाव भविष्य में इन कंपनियों की ग्रोथ और शेयर प्रदर्शन की दिशा तय कर सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है सबक?

इन कंपनियों का प्रदर्शन यह बताता है कि केवल बड़ी और मशहूर कंपनी देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं है। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की कमाई, भविष्य की ग्रोथ, वैल्यूएशन, कर्ज, सेक्टर की स्थिति और प्रतिस्पर्धा जैसे पहलुओं को देखना जरूरी है।

लार्जकैप शेयरों में जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इनमें गिरावट नहीं आ सकती। बाजार में मजबूत कंपनियों के शेयर भी लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसलिए निवेश का फैसला कंपनी की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर ही लेना चाहिए।


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